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हाईलाकांदी में बाढ़ से निपटने को प्रशासन की अग्रिम तैयारी बैठक आयोजित
प्रतिनिधि हाईलाकांदी २४ फरवरी: आने वाली बरसात के मौसम को देखते हुए संभावित बाढ़ की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए हाईलाकांदी जिला प्रशासन की आपदा प्रबंधन शाखा के पहल पर मंगलवार को एक महत्वपूर्ण तैयारी बैठक आयोजित की गई। जिला प्रशासन के सम्मेलन कक्ष में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता जिला आयुक्त अभिषेक जैन ने की। बैठक में जिले के विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों के अधिकारियों की उपस्थिति में संभावित बाढ़ की स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी राहत-बचाव अभियान चलाने, राहत वितरण सुनिश्चित करने तथा संभावित नुकसान को कम करने के उद्देश्य से एक समन्वित कार्ययोजना तैयार करने पर विशेष जोर दिया गया। जिला आयुक्त ने संबंधित सभी विभागों को अपने-अपने दायित्वों के अनुसार अग्रिम तैयारी की विस्तृत रूपरेखा तैयार रखने के निर्देश दिए, ताकि आपात स्थिति में किसी प्रकार की भ्रम या देरी न हो।उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि जिले के प्रत्येक राजस्व सर्किल में इसी प्रकार की तैयारी बैठक आयोजित की जाए और स्थानीय स्तर पर संवेदनशील क्षेत्रों की सूची अद्यतन रखी जाए। साथ ही बाढ़ के समय राहत-बचाव कार्य में उपयोग के लिए पर्याप्त संख्या में देशी नावों की अग्रिम पहचान कर उन्हें तैयार रखने का निर्देश दिया गया। आवश्यकता पड़ने पर नाव मालिकों के साथ पूर्व समन्वय स्थापित करने की बात भी उन्होंने कही।बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि राहत शिविर स्थापित करने के लिए संभावित सुरक्षित स्थलों की पहचान कर वहां पेयजल, स्वच्छता, बिजली तथा स्वास्थ्य सेवाओं की न्यूनतम व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। स्वास्थ्य विभाग को संभावित बाढ़ोत्तर बीमारियों से निपटने के लिए दवाइयों और मेडिकल टीम को तैयार रखने के निर्देश दिए गए। वहीं पशुपालन विभाग को पशुधन की सुरक्षा के लिए अलग कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया।डीडीसी नरसिंग बे, विभिन्न विभागीय अधिकारियों तथा सर्किल अधिकारियों की उपस्थिति में हुई इस बैठक में पिछले वर्ष की बाढ़ से क्षतिग्रस्त विभिन्न परियोजनाओं और अवसंरचनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। जिन मरम्मत कार्यों में अभी तक देरी है, उन्हें अविलंब पूरा करने के लिए संबंधित विभागों को कड़े निर्देश दिए गए। जिला आयुक्त ने स्पष्ट किया कि बाढ़ की रोकथाम और प्रबंधन में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।इसके अतिरिक्त अंतर-विभागीय समन्वय मजबूत करने, आपात संचार व्यवस्था सक्रिय रखने, कंट्रोल रूम को तैयार रखने तथा जमीनी स्तर पर त्वरित सूचना आदान-प्रदान सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया गया। बैठक में उपस्थित अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों की तैयारियों पर संक्षिप्त रिपोर्ट प्रस्तुत की।जिला प्रशासन की ओर से बताया गया कि अग्रिम योजना, सतत निगरानी और समन्वित प्रयासों के माध्यम से संभावित बाढ़ की स्थिति में आम लोगों के जान-माल की सुरक्षा के लिए हर संभव सतर्कता बरती जाएगी। प्रशासन ने आशा जताई कि समय पर की गई तैयारियों से इस वर्ष बाढ़ जनित क्षति को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता हैं।




















