उधारबंद विधानसभा सीट पर उम्मीदवार चयन को लेकर भाजपा में हलचल, कांग्रेस भी सक्रिय
उधारबंद, संवाददाता (नीहार कांति राय):
हालांकि अभी तक विधानसभा चुनाव की आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं हुई है, लेकिन मार्च के दूसरे सप्ताह में चुनाव कार्यक्रम घोषित होने की संभावना जताई जा रही है। इसी संभावना को देखते हुए सत्तारूढ़ और विपक्षी दलों के शीर्ष नेतृत्व में उम्मीदवार चयन को लेकर गहन मंथन शुरू हो गया है।
डिलिमिटेशन के बाद बदले समीकरणों के कारण उधारबंद विधानसभा क्षेत्र इस बार दोनों प्रमुख दलों के लिए चुनौतीपूर्ण बन गया है। यहां मतदाताओं की संख्या 1,88,700 से अधिक है। पिछले दो चुनावों में भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवारों ने कड़े मुकाबले में कांग्रेस प्रत्याशी एवं पूर्व मंत्री अजीत सिंह को पराजित कर यह सीट जीती थी। ऐसे में भाजपा इस प्रतिष्ठित सीट को हर हाल में बरकरार रखना चाहती है, जबकि कांग्रेस इसे वापस पाने के लिए पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में है।
दोनों दलों के राज्य एवं केंद्रीय नेतृत्व इस सीट पर उम्मीदवार चयन को लेकर चिंतन में जुटे हैं। भाजपा में टिकट के लिए करीब दस दावेदार सक्रिय हैं, जिन्होंने राज्य और केंद्रीय नेतृत्व के समक्ष अपनी दावेदारी पेश की है। उनका स्पष्ट कहना है कि उधारबंद की मिट्टी से जुड़े स्थानीय कार्यकर्ता को ही प्राथमिकता दी जानी चाहिए। बाहरी उम्मीदवार को क्षेत्र की जनता स्वीकार नहीं करेगी।
इधर भाजपा जिला नेतृत्व के समक्ष मिहिर कांति सोम ने भी पुनः अपनी दावेदारी पेश की है। वहीं विभिन्न समाचार माध्यमों में यह चर्चा है कि मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्वशर्मा लखीपुर के पूर्व विधायक राजदीप ग्वाला को यहां से टिकट देने के पक्ष में हैं। हालांकि पार्टी की ओर से अभी तक किसी नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
दावेदारों में उधारबंद मंडल के दो बार के अध्यक्ष नबारुण चक्रवर्ती, अधिवक्ता जयज्योति दे, मिठुन नाथ, सुरेंद्र प्रसाद सिंह, कंचन सिंह कुर्मी, विश्वजीत दास, हेमांग शेखर दास, श्यामा पद राय, प्रसेंजीत भट्टाचार्य और बसुदेव शर्मा शामिल हैं।
शुक्रवार को इन नेताओं ने उधारबंद बाजार क्षेत्र के पोस्ट ऑफिस रोड, कालीबाड़ी रोड, बस स्टैंड क्षेत्र तथा काछार केसरी सनत कुमार दास रोड में व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया। इस दौरान उन्होंने दुकानदारों से मुलाकात कर समर्थन मांगा और क्षेत्र के विकास को लेकर अपने विचार साझा किए।
पत्रकारों से बातचीत में नबारुण चक्रवर्ती, बसुदेव शर्मा, अधिवक्ता जयज्योति दे, मिठुन नाथ और सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि सोशल मीडिया पर चल रही अटकलों पर वे कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी के राज्य या केंद्रीय नेतृत्व ने अभी तक किसी उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है।
उन्होंने यह भी बताया कि वे पिछले कई महीनों से लगातार जनसंपर्क अभियान चला रहे हैं। कुछ लोगों द्वारा उन्हें एक साथ न देखे जाने की बात पर उन्होंने कहा कि इसी संदेश को स्पष्ट करने के लिए वे सामूहिक रूप से बाजार क्षेत्र में उतरे हैं। नेताओं ने आशा व्यक्त की कि राज्य और केंद्रीय नेतृत्व उनके दावे की अनदेखी नहीं करेगा और स्थानीय भावना को प्राथमिकता देगा।
फिलहाल उधारबंद विधानसभा सीट पर राजनीतिक सरगर्मी तेज है और आधिकारिक घोषणा से पहले ही क्षेत्र का चुनावी माहौल गरमाने लगा है।





















