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राष्ट्रीय विज्ञान दिवस 2026 पर असम विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित

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राष्ट्रीय विज्ञान दिवस 2026 पर असम विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित
शिलचर। असम विश्वविद्यालय, शिलचर के सूक्ष्मजीवविज्ञान विभाग द्वारा राष्ट्रीय विज्ञान दिवस 2026 के अवसर पर “विकसित भारत: विज्ञान, सततता और स्मार्ट हेल्थकेयर समाधान” विषयक एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। सम्मेलन का उद्देश्य अंतःविषय संवाद को प्रोत्साहित करना तथा नवोन्मेषी स्मार्ट स्वास्थ्य समाधानों के माध्यम से विकसित, सतत और स्वस्थ भारत के निर्माण में वैज्ञानिक दृष्टिकोण की भूमिका पर विचार करना था।
कार्यक्रम का उद्घाटन कुलपति प्रो राजीव मोहन पंत ने किया। उन्होंने विकसित भारत के लक्ष्य की प्राप्ति में विज्ञान, नवाचार और अंतःविषय अनुसंधान की केंद्रीय भूमिका पर बल दिया तथा विभागाध्यक्ष प्रो दिवाकर कुमार के प्रयासों की सराहना की। उद्घाटन सत्र में अनुसंधान एवं विकास अधिष्ठाता तथा आईक्यूएसी निदेशक प्रो पीयूष पाण्डेय ने विषय की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। पूर्व कुलपति, कल्याणी विश्वविद्यालय प्रो शंकर कुमार घोष ने सम्मेलन की विषयवस्तु और वक्ताओं के विविध पैनल की प्रशंसा की। जीवन विज्ञान संकाय के अधिष्ठाता प्रो पी बी मजूमदार  तथा पूर्व अधिष्ठाता प्रो सुप्रिय चक्रवर्ती की उपस्थिति से कार्यक्रम गरिमामय हुआ।
स्वागत भाषण में प्रो. दिवाकर कुमार ने सम्मेलन के उद्देश्यों को रेखांकित करते हुए समकालीन स्वास्थ्य चुनौतियों के समाधान हेतु अंतःविषय सहयोग की आवश्यकता बताई। विश्वविद्यालय के अनेक प्राध्यापक प्रो. महुआ सेनगुप्ता, प्रो. इन्दु शर्मा, प्रो. अमिताभ भट्टाचार्जी, डॉ. अविनाश कुमार, डॉ. अनुपम बोरा, डॉ. रवि प्रकाश आर्य, डॉ. रिंकू रविदास और डॉ. सयाक दास ने सक्रिय भागीदारी की। विभाग के विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों ने आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
वैज्ञानिक सत्रों में देश-विदेश के प्रतिष्ठित वक्ताओं ने स्वास्थ्य विज्ञान में नवीन अनुसंधानों पर विचार प्रस्तुत किए। डॉ वैशाली कपूर  (Washington University School of Medicine) ने कैंसर उपचार में रेडिएशन-सहायित इम्यूनोकोनजुगेट्स की भूमिका पर व्याख्यान दिया। डॉ नवनीत कुमार दुबे (Infinity Insights Biotechnology Co. Ltd.) ने मधुमेह-जनित घुटना अस्थिसंधिशोथ में स्टेम सेल थेरेपी की संभावनाओं पर प्रकाश डाला।
डॉ शंकर (NIT Silchar) ने दर्द मापन की उपकरणीय रणनीतियों पर प्रस्तुति दी, जबकि डॉ तरुण कुमार भट्ट (Central University of Rajasthan) ने औषध-बंधन के ऊष्मागतिक पैटर्न पर चर्चा की। Dr. R. Murugan ने साइबर-फिजिकल सिस्टम्स एवं मशीन लर्निंग के उपयोग से नेत्र रोग निदान की संभावनाएँ बताईं। डॉ सुभद्रा ग्वाला (Cachar Cancer Hospital & Research Centre) ने सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम हेतु एचपीवी के शीघ्र निदान के महत्व पर बल दिया।
सम्मेलन के सभी सत्र ज्ञानवर्धक और अनुप्रयोगोन्मुख रहे, जिनमें ट्रांसलेशनल रिसर्च, ऑन्कोलॉजी, पुनर्योजी चिकित्सा, औषध खोज, साइबर-फिजिकल सिस्टम्स तथा निवारक स्वास्थ्य जैसे विषयों पर गंभीर विमर्श हुआ। यह सम्मेलन वैज्ञानिक संवाद और सहयोग का सशक्त मंच सिद्ध हुआ तथा स्मार्ट, सतत और स्वस्थ विकसित भारत की राष्ट्रीय परिकल्पना को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान प्रदान किया।

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