बराक घाटी के चाय जनजाति समुदाय की जाति/उपनाम समस्या पर गुवाहाटी में महत्वपूर्ण बैठक, शीघ्र समाधान का आश्वासन

गुवाहाटी: आज गुवाहाटी में असम सरकार के जल संसाधन एवं जनसंपर्क मंत्री पियूष हजारिका के साथ बराक चाय श्रमिक यूनियन के महासचिव राजदीप ग्वाला के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में चाय जनजाति समुदाय से जुड़े जाति/उपनाम (कास्ट/सरनेम) के मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में मंत्री कौशिक राय, मंत्री कृष्णेंदु पाल, मंत्री रूपेश गोयाला तथा विधायक विजय मलाकार उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त बराक चाय श्रमिक यूनियन के सह सामान्य सचिव बाबुल नारायण कानू, सचिव सुरेश बड़ाइक, सह सचिव दुर्गेश कुर्मी, रामव्रत नूनिया भी बैठक में शामिल हुए।
असम सरकार की ओर से शोभन ग्वाला (निदेशक, टी ट्राइब्स एवं आदिवासी कल्याण, असम) तथा डॉ. कुलश्री नाथ (निदेशक, अनुसूचित जाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण, असम) सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।

बैठक के दौरान राजदीप ग्वाला ने बराक घाटी के चाय जनजाति समुदाय के जाति/उपनाम संबंधी जटिलताओं और लंबित मामलों को विस्तारपूर्वक प्रस्तुत किया। यूनियन के अन्य सदस्यों ने भी अपने विचार रखे। बराक घाटी के दोनों मंत्रियों एवं विधायक ने प्रतिनिधिमंडल की मांगों का पूर्ण समर्थन करते हुए शीघ्र समाधान की आवश्यकता पर बल दिया।
मंत्री पियूष हजारिका ने आश्वासन दिया कि जिन संदिग्ध आवेदकों ने वास्तविक एवं वैध दस्तावेज प्रस्तुत किए हैं, उन्हें अविलंब प्रमाणपत्र (क्लियरेंस) जारी करने की प्रक्रिया तेज की जाएगी।
बैठक में उपस्थित मंत्री रूपेश ग्वाला को इस विषय के त्वरित समाधान हेतु विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई।
बैठक सकारात्मक माहौल में संपन्न हुई और प्रतिनिधिमंडल ने राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।




















