रामकृष्णनगर में कांग्रेस की ‘समय परिवर्तन पदयात्रा’, भाजपा सरकार पर तीखा हमला
गौतम सरकार, शनबिल, 9 मार्च: राज्यभर में चल रहे कांग्रेस के ‘समय परिवर्तन पदयात्रा’ अभियान के तहत रामकृष्णनगर में भी पदयात्रा निकाली गई। यह पदयात्रा रामकृष्णनगर से शुरू होकर शहर की प्रमुख सड़कों से होते हुए नेताजीबाग में संपन्न हुई।
इस पदयात्रा में त्रिपुरा विधानसभा के विधायक सुदीप रॉय बर्मन, बरपेटा के पूर्व सांसद अब्दुल खालेक, कछार और श्रीभूमि जिलों के कांग्रेस अध्यक्ष तापस पुरकायस्थ और सजल आचार्य, असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव अमीनुर रशीद चौधरी, श्रीभूमि जिला कांग्रेस के उपाध्यक्ष कृपासिंधु गुप्ता, हिमांशु शेखर देवराय, सितेन चंद्र रॉय, रामकृष्णनगर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस की संभावित उम्मीदवार सुरुचि रॉय सहित जिला व ब्लॉक स्तर के कई कार्यकर्ता शामिल हुए।
सभा को संबोधित करते हुए पूर्व सांसद अब्दुल खालेक ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार के आने के बाद समाज में हिंदू-मुस्लिम के बीच विभाजन की राजनीति को बढ़ावा दिया गया है। उन्होंने कहा कि पहले बराक घाटी में 15 विधानसभा सीटें थीं, लेकिन मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा ने कथित रूप से साजिश के तहत निर्वाचन आयोग के माध्यम से सीटों की संख्या घटाकर 13 कर दी।
उन्होंने बताया कि पहले करीमगंज जिले में पांच विधानसभा सीटें थीं, जो अब घटकर चार रह गई हैं। दक्षिण करीमगंज और बदरपुर सीटों से मुस्लिम उम्मीदवार जीतते थे, जबकि उत्तर करीमगंज, पाथरकांडी और राताबाड़ी से हिंदू उम्मीदवार विजयी होते थे। एक सीट कम होने से क्षेत्र की राजनीतिक संतुलन पर असर पड़ा है।
अब्दुल खालेक ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि रामकृष्णनगर सहित पूरे बराक घाटी में भाजपा को सबक सिखाने के लिए कांग्रेस उम्मीदवारों को विजयी बनाएं।
वहीं त्रिपुरा के विधायक सुदीप रॉय बर्मन ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के पक्ष में बड़ा परिणाम आने वाला है क्योंकि जनता बदलाव चाहती है। उन्होंने कहा कि पिछले दस वर्षों से भाजपा सरकार सत्ता में है, लेकिन बराक घाटी के लोग पूछ रहे हैं कि विकास कहां हुआ।
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री ने वादा किया था कि बराक घाटी के ग्रुप-सी और ग्रुप-डी की नौकरियां स्थानीय युवाओं को दी जाएंगी और बाहरी लोगों को मौका नहीं मिलेगा, लेकिन यह वादा पूरा नहीं किया गया।
सुदीप रॉय बर्मन ने कहा कि भाजपा सरकार ने चुनाव के समय कई वादे किए, लेकिन उन्हें पूरा नहीं किया। अब विकास की चर्चा करने के बजाय भाजपा नेता धर्म, भाषा और जाति के नाम पर समाज को बांटने की राजनीति कर रहे हैं।




















