सोनाई विधानसभा में चुनावी सरगर्मी तेज: अमीनुल हक कांग्रेस से मैदान में, करीम उद्दीन AGP में शामिल, विकास पर उठे सवाल
बराक घाटी के सोनाई विधानसभा क्षेत्र में आगामी असम विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म होता जा रहा है। एक ओर कांग्रेस ने पूर्व विधायक अमीनुल हक लस्कर को पार्टी के हाथ चिन्ह पर मैदान में उतारा है, वहीं वर्तमान विधायक करीम उद्दीन बरभुइयां ने एआईयूडीएफ छोड़कर अपने समर्थकों के साथ असम गण परिषद (AGP) का दामन थाम लिया है। इस बीच विभिन्न दलों के कार्यकर्ता भी नेताओं के साथ दल बदल रहे हैं, जिससे क्षेत्र की राजनीति और अधिक रोचक हो गई है।
सोनाई में अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आगामी चुनाव में विधायक कौन बनेगा और उससे भी महत्वपूर्ण—क्षेत्र का समग्र विकास आखिर कब होगा।
पूर्व विधायक अमीनुल हक लस्कर का राजनीतिक सफर छात्र संगठन आसू (AASU) से शुरू हुआ था। इसके बाद वे AGP और भाजपा में रहे तथा विधायक और विधानसभा के डिप्टी स्पीकर तक का पद संभाल चुके हैं। वर्ष 2021 के चुनाव में उन्हें एआईयूडीएफ के करीम उद्दीन बरभुइयां के हाथों हार का सामना करना पड़ा। करीब दो वर्ष पहले उन्होंने कांग्रेस का दामन थाम लिया और अब 2026 के चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में सक्रिय प्रचार कर रहे हैं।
दूसरी ओर करीम उद्दीन बरभुइयां ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत कांग्रेस से की थी। बाद में वे एआईयूडीएफ में शामिल हुए और 2021 में उसी पार्टी के टिकट पर सोनाई से विधायक बने। पांच साल के कार्यकाल के बाद उन्होंने ‘धर्मनिरपेक्षता’ की बात कहते हुए एआईयूडीएफ छोड़कर AGP में शामिल होने का निर्णय लिया।
दोनों नेताओं के राजनीतिक कदमों के साथ ही कांग्रेस और एआईयूडीएफ के कई कार्यकर्ता भी अपने-अपने नेताओं के साथ दल बदलते दिखाई दे रहे हैं। हालांकि क्षेत्र में विकास को लेकर स्थिति अलग ही तस्वीर पेश करती है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि करीम उद्दीन के कार्यकाल में जल जीवन मिशन योजना प्रभावी ढंग से लागू नहीं हो सकी और विकास के लिए आए सरकारी फंड में अनियमितताओं की शिकायतें भी सामने आईं। वहीं अमीनुल हक के कार्यकाल को लेकर भी विपक्षी हलकों में आरोप लगाए जाते रहे हैं कि उस समय सोनाई में “एकतरफा राजनीति” का माहौल था और ग्राम विकास योजनाओं में भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे।
इन सबके बीच सोनाई के बुद्धिजीवी और आम नागरिक अब यह सवाल उठा रहे हैं कि क्षेत्र में वास्तविक विकास की शुरुआत आखिर कब होगी। चुनावी मंचों से किए जा रहे विकास के वादे कितने जमीन पर उतरेंगे, इस पर पूरे क्षेत्र की नजर टिकी हुई है।




















