धोलाई विधायक निहार रंजन दास का इस्तीफा, निर्दलीय लड़ने का ऐलान

शिलचर और उधारबंद के वर्तमान विधायकों का टिकट भी काटा
शिलचर, संवाददाता: असम विधानसभा चुनाव 2026 से पहले बराक घाटी की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा गुरुवार को 88 सीटों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा के बाद तीन मौजूदा विधायकों के टिकट काटे जाने से असंतोष खुलकर सामने आया है। इनमें धलाई के विधायक निहार रंजन दास, शिलचर के विधायक दीपायन चक्रवर्ती और उधारबंद के दो बार के विधायक मिहिर कांति सोम शामिल हैं।
टिकट नहीं मिलने से नाराज़ धलाई के विधायक निहार रंजन दास ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को अपना त्यागपत्र भेज दिया है और आगामी चुनाव निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में लड़ने की घोषणा की है।
गौरतलब है कि निहार रंजन दास धलाई सीट से उपचुनाव जीतकर विधायक बने थे, लेकिन इस बार उन्हें पार्टी ने उम्मीदवार नहीं बनाया।
वहीं, शिलचर के विधायक दीपायन चक्रवर्ती ने टिकट कटने पर कोई प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया। गुरुवार शाम वे शिलचर स्थित रामकृष्ण मिशन पहुंचे, जहां उन्होंने महाराज गणाधीशानंद जी से मुलाकात कर अपने पांच वर्षों के कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड सौंपा। साथ ही उन्होंने अपने फेसबुक अकाउंट पर भाजपा के 88 उम्मीदवारों की सूची भी साझा की।
शिलचर सीट से इस बार भाजपा ने पूर्व सांसद डॉ. राजदीप रॉय को उम्मीदवार बनाया है, जो पूर्व विधायक बिमलांशु रॉय के पुत्र हैं।
उधर, उधारबंद सीट से दो बार के विधायक मिहिर कांति सोम का भी टिकट काट दिया गया है। उनकी जगह पूर्व लक्षीपुर विधायक राजदीप ग्वाला को उम्मीदवार बनाया गया है। हालांकि मिहिर कांति सोम ने इस मामले पर चुप्पी साध रखी है।
बराक घाटी की 10 सीटों में से तीन मौजूदा विधायकों के टिकट कटने से क्षेत्र की राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। आने वाले दिनों में इसका असर चुनावी समीकरणों पर साफ देखने को मिल सकता है।

















