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राष्ट्रहित में शत-प्रतिशत मतदान का आह्वान : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ
विशेष प्रतिनिधि गुवाहाटी, 20 मार्च :
आगामी असम एवं अन्य राज्य विधानसभा चुनाव के संदर्भ में राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए शत-प्रतिशत मतदान सुनिश्चित करने का आह्वान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के उत्तर असम प्रांत द्वारा किया गया है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के असम क्षेत्र के क्षेत्र प्रचार प्रमुख डॉ. सुनील महांति ने आज आयोजित एक प्रेस वार्ता में राज्य के सभी मतदाताओं से लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय सहभागिता निभाते हुए अधिकाधिक संख्या में मतदान करने तथा राष्ट्र पुनर्निर्माण में सहभागी बनने की अपील की।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के असम क्षेत्र कार्यालय सुदर्शनालय में आयोजित प्रेस वार्ता में डॉ. महांति ने कहा कि वर्तमान वर्ष कई महत्वपूर्ण ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक अवसरों का स्मरण कराने वाला है। इनमें राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं जयंती, सिख पंथ के नवम गुरु श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें बलिदान वर्ष तथा संत शिरोमणि रविदास जी की 650वीं जन्म जयंती विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं। इन अवसरों पर समाज में जागरूकता एवं सांस्कृतिक चेतना को सुदृढ़ करने हेतु विविध कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
उत्तर असम प्रांत के प्रचार प्रमुख किशोर शिवम द्वारा संचालित इस प्रेस वार्ता में प्रांत कार्यवाह खगेन सैकिया ने 13, 14 एवं 15 मार्च को हरियाणा के पानीपत जिले के समालखा में आयोजित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा में हुए प्रमुख विचार-विमर्श की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सभा का शुभारंभ भारत माता की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित कर सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत एवं सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले द्वारा किया गया। इस प्रतिनिधि सभा में देशभर के 46 प्रांतों से कुल 1,438 प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित विजयादशमी अखिल भारतीय कार्यक्रमों के अंतर्गत देशभर में 62,555 कार्यक्रम आयोजित हुए, जिनमें 32,45,141 लोगों की सहभागिता रही। इसके अतिरिक्त, शताब्दी वर्ष के गृह संपर्क अभियान के माध्यम से देशभर में 3,89,465 स्थानों पर 10,02,12,162 नागरिकों से संपर्क स्थापित किया गया। उत्तर असम प्रांत में 13,061 गांवों के 11,15,165 परिवारों तक पहुंच बनाई गई।
इस अभियान में 2,028 मंडलों के 16,940 कार्यकर्ताओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई तथा ‘संघ यात्रा’ नामक 3,06,806 पुस्तकों का वितरण एवं विक्रय 14,46,401 लोगों तक किया गया।
इसी क्रम में आयोजित हिंदू सम्मेलनों के अंतर्गत अब तक देश के 37 प्रांतों में कुल 37,048 कार्यक्रम आयोजित हुए, जिनमें 3,49,35,211 लोगों ने भाग लिया। इनमें 1,93,40,087 पुरुष एवं 1,55,95,128 महिलाएं शामिल थीं। उत्तर असम प्रांत में आयोजित 1,128 हिंदू सम्मेलनों में 6,40,310 लोगों की उपस्थिति रही, जिनमें 2,30,150 पुरुष तथा 4,10,160 महिलाएं थीं। इन कार्यक्रमों में 7,570 गांवों की सहभागिता दर्ज की गई।
प्रांत कार्यवाह ने जानकारी दी कि वर्तमान में देशभर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 59,004 मंडलों के अंतर्गत 55,683 स्थानों पर कुल 88,939 शाखाएं नियमित रूप से संचालित हो रही हैं।
संघ की आगामी संगठनात्मक संरचना के संबंध में प्रांत प्रचार प्रमुख किशोर शिवम ने बताया कि अगले वर्ष से भौगोलिक पुनर्संरचना के तहत पूर्व के 11 क्षेत्रों के स्थान पर 9 क्षेत्र तथा 46 प्रांतों के स्थान पर 85 संभाग बनाए गए हैं। हालांकि राज्य स्तर पर समिति कार्यरत रहेगी। यह पुनर्गठन संघ के कार्यविस्तार, विकेन्द्रीकरण और संगठनात्मक सुदृढ़ीकरण को ध्यान में रखते हुए किया गया है।
प्रेस वार्ता में असम क्षेत्र के क्षेत्र प्रचार प्रमुख डॉ. सुनील महांति, प्रांत कार्यवाह खगेन सैकिया एवं प्रांत प्रचार प्रमुख किशोर शिवम उपस्थित रहे।
किशोर शिवम
प्रांत प्रचार प्रमुख
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ


















