अंतिम दिन नामांकन में शक्ति प्रदर्शन: बराक घाटी में कांग्रेस ने दिखाई नई ऊर्जा, भाजपा को कड़ी चुनौती
विशेष प्रतिनिधि, शिलचर | 23 मार्च 2026

असम विधानसभा चुनाव 2026 के लिए नामांकन के अंतिम दिन बराक घाटी में राजनीतिक माहौल पूरी तरह गर्म दिखाई दिया। जहां एक समय भाजपा के सामने कांग्रेस कमजोर मानी जा रही थी, वहीं इस बार नामांकन के दौरान कांग्रेस ने अपने व्यापक शक्ति प्रदर्शन से साफ संकेत दिया कि मुकाबला एकतरफा नहीं रहने वाला है।
एनडीए के 7 उम्मीदवारों ने भरा पर्चा
अंतिम दिन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के 6 और असम गण परिषद (अगप) के 1 उम्मीदवार सहित एनडीए के कुल 7 प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया।
- लखीपुर: कौशिक राय
- उधारबंद: राजदीप ग्वाला
- शिलचर: डॉ. राजदीप राय
- बड़खोला: किशोर नाथ
- धोलाई: अमिय कांति दास
- काठीघोड़ा: कमलाक्ष दे पुरकायस्थ
- सोनाई (अगप): करीमुद्दीन बड़भूइयां
नामांकन के दौरान भाजपा समर्थकों की भारी भीड़ और संगठित उपस्थिति देखने को मिली, जिससे पार्टी ने अपनी जमीनी पकड़ का प्रदर्शन किया।
कांग्रेस ने भी दिखाई मजबूती
कांग्रेस ने भी सभी प्रमुख सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारते हुए जोरदार उपस्थिति दर्ज कराई—
- लखीपुर: एम. शांति कुमार सिंह
- उधारबंद: अजीत सिंह
- शिलचर: अभिजीत पाल
- बड़खोला: डॉ. अमित कलवार
- धोलाई: विद्युत ज्योति पुरकायस्थ
- काठीघोड़ा: अमरचंद जैन
- सोनाई: अमीनुल हक लश्कर
कांग्रेस के नामांकन जुलूसों में भी बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए, जिससे पार्टी के भीतर नई ऊर्जा और एकजुटता का संकेत मिला।

बराक घाटी में बदला राजनीतिक समीकरण
बराक घाटी को अब तक भाजपा का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है, लेकिन इस बार हालात बदलते नजर आ रहे हैं। भाजपा द्वारा 3 सीटें असम गण परिषद के लिए छोड़ना राजनीतिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, हालांकि विपक्ष इसे भाजपा की कमजोरी के रूप में भी देख रहा है।
सीटवार स्थिति का आकलन
- लखीपुर और उधारबंद: चाय जनगोष्ठी के समर्थन के कारण भाजपा यहां मजबूत स्थिति में मानी जा रही है। हालांकि उधारबंद में आंतरिक असंतोष की खबरें भी सामने आ रही हैं।
- शिलचर: भाजपा एकजुटता का दावा कर रही है, लेकिन सोशल मीडिया पर असंतोष के संकेत पार्टी के लिए चिंता का विषय बन सकते हैं।
- बड़खोला: यहां कांग्रेस के डॉ. अमित कलवार भाजपा के लिए कड़ी चुनौती बनकर उभरे हैं।
- काठीघोड़ा: यह सीट सबसे दिलचस्प बन गई है, जहां दल-बदल के कारण समीकरण पूरी तरह उलझ गए हैं।
- धोलाई: निहार रंजन दास के मनाने के बाद भाजपा अपेक्षाकृत मजबूत दिख रही है।
- सोनाई: यहां मुकाबला रोचक है। दल-बदल के बावजूद कांग्रेस के अमीनुल हक लश्कर को मजबूत दावेदार माना जा रहा है।
अन्य दलों की भूमिका
तृणमूल कांग्रेस और कई निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी नामांकन दाखिल किया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ये उम्मीदवार कई सीटों पर वोटों का समीकरण बिगाड़ सकते हैं, जिससे मुख्य मुकाबले और भी रोचक हो जाएंगे।
कड़ा और दिलचस्प मुकाबला तय
नामांकन के अंतिम दिन के शक्ति प्रदर्शन ने साफ कर दिया है कि बराक घाटी में इस बार भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधी और कड़ी टक्कर होने जा रही है। जहां भाजपा अपनी संगठनात्मक ताकत और पिछले कार्यकाल के प्रदर्शन पर भरोसा जता रही है, वहीं कांग्रेस बदले हुए माहौल और जनसमर्थन के सहारे वापसी की कोशिश में जुटी है।
आने वाले दिनों में चुनाव प्रचार के साथ यह मुकाबला और तेज होने की पूरी संभावना है, जिससे बराक घाटी का राजनीतिक तापमान लगातार बढ़ता रहेगा।




















