85 Views
उधारबंद में नामांकन वापसी पर मिठुन नाथ ने तोड़ी चुप्पी, वित्तीय लेनदेन के आरोपों को बताया निराधार
शिलचर/उधारबंद, 31 मार्च:
आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर उधारबंद के निर्दलीय उम्मीदवार रहे मिठुन नाथ ने मंगलवार को रंगपुर स्थित एक विवाह भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में अपने ऊपर लगे वित्तीय लेनदेन के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि नामांकन वापसी के पीछे किसी प्रकार का आर्थिक समझौता नहीं हुआ है और यह पूरी तरह से निराधार व बेबुनियाद आरोप हैं।
मिठुन नाथ ने बताया कि नामांकन दाखिल करने के बाद 24 मार्च को उन्हें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शिलचर स्थित कार्यालय में बुलाया गया, जहां संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों—गौरांग राय, शांतनु नायक और पूर्णचंद्र मंडल—ने उन्हें नामांकन वापस लेने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि संगठन के निर्देश का पालन करते हुए उन्होंने 26 मार्च को अपना नामांकन वापस ले लिया।
उन्होंने कहा, “मैं पिछले 27 वर्षों से आरएसएस से जुड़ा हूं। यह मेरा मातृ संगठन है। संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों के निर्देश मेरे लिए सर्वोपरि हैं, इसलिए मुझे यह निर्णय लेना पड़ा।”
इस दौरान मिठुन नाथ ने कछार जिला भाजपा संगठन पर भी परोक्ष रूप से निशाना साधा। उन्होंने कहा, “जिला भाजपा कार्यालय में असम के पूर्व मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल की तस्वीर तक नहीं है, जो संगठन की विचारधारा और प्रतिबद्धता पर सवाल खड़ा करता है।”
मिठुन नाथ ने यह भी घोषणा की कि वह सक्रिय राजनीति से आजीवन संन्यास ले रहे हैं, हालांकि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और बजरंग दल के एक समर्पित कार्यकर्ता के रूप में समाज सेवा जारी रखेंगे।
अंत में उन्होंने उधारबंद क्षेत्र की जनता से अपने निर्णय के लिए क्षमा याचना करते हुए कहा, “मेरे इस फैसले से यदि किसी को ठेस पहुंची है, तो मैं दिल से क्षमा प्रार्थी हूं।”
प्रेस वार्ता में राज घोष, यतन राय, अपू चंद्र दे और विश्वजीत भट्टाचार्य सहित बजरंग दल के कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।





















