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उधारबंद में तृणमूल का चुनावी हुंकार: बीजेपी और कांग्रेस पर तीखे हमले, तपस दास के समर्थन में बड़ी जनसभा
उधारबंद (असम), 02 अप्रैल:
उधारबंद विधानसभा क्षेत्र में चुनावी माहौल तेज होता जा रहा है। गुरुवार को पुराने पेट्रोल पंप मैदान में तृणमूल कांग्रेस की एक विशाल जनसभा आयोजित हुई, जिसमें पश्चिम बंगाल के जादवपुर की सांसद सयंतनी घोष और सांसद सुस्मिता देव ने पार्टी उम्मीदवार तापस दास के समर्थन में जोरदार प्रचार किया।
सभा को संबोधित करते हुए सयंतनी घोष ने बीजेपी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि “अब तक बीजेपी और कांग्रेस ही खेलते रहे हैं, लेकिन इस बार तृणमूल मैदान में है—खेला उधारबंद में होगा।” उन्होंने बीजेपी को “जुमला पार्टी” और “विभाजन की राजनीति करने वाली पार्टी” करार दिया। साथ ही चुनौती दी कि बीजेपी का कोई नेता बिना धर्म और पाकिस्तान जैसे मुद्दों का उल्लेख किए दो मिनट तक भाषण नहीं दे सकता।
उन्होंने प्रधानमंत्री पर भी निशाना साधते हुए कहा कि दो करोड़ नौकरियों और हर खाते में 15 लाख रुपये देने के वादे पूरे नहीं हुए। वहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की जमकर प्रशंसा करते हुए राज्य में चल रही विकास योजनाओं का उल्लेख किया।
सांसद सुस्मिता देव ने अपने भाषण में बीजेपी और कांग्रेस दोनों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि “आज जो कांग्रेस में थे, वे बीजेपी में हैं और जो बीजेपी में थे, वे कांग्रेस में।” उन्होंने आरोप लगाया कि उधारबंद में बीजेपी के पास योग्य उम्मीदवार नहीं है, इसलिए बाहर से उम्मीदवार लाना पड़ा।
उन्होंने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर भी निशाना साधते हुए कहा कि महिलाओं को सभा में आने के लिए पैसे देकर दबाव बनाया जा रहा है, जबकि गैस के दाम लगातार बढ़ रहे हैं।
सुस्मिता देव ने दिवंगत दीनेश प्रसाद ग्वाला का उल्लेख करते हुए कहा कि वे एक ईमानदार और निष्ठावान व्यक्ति थे, और उनके पुत्र भाजपा प्रत्याशी राजदीप ग्वाला से सवाल किया कि क्या वे बराक घाटी के युवाओं को मिले रोजगार पर जवाब दे सकते हैं।
सभा में तृणमूल उम्मीदवार तापस दास ने भी जनता से समर्थन मांगा और क्षेत्र के विकास के लिए संघर्ष करने का वादा किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष राजेश देव ने की। मंच पर भारती देव, नरुल हक लस्कर, मोहन लाल दास सहित अन्य नेता उपस्थित रहे।
सभा से पहले सयंतनी घोष ने श्री कांचा कांति माता मंदिर में पूजा-अर्चना भी की। जनसभा में हजारों की संख्या में लोग मौजूद रहे, जिससे क्षेत्र में तृणमूल की सक्रियता और चुनावी माहौल का संकेत मिला।





















