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आलगापुर-काटलीछड़ा में चार प्रमुख चेहरों के बीच कड़ा मुकाबला, चुनाव प्रचार बना ‘लाइव शो’

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हाइलाकांदी, 2 अप्रैल:
विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही उम्मीदवारों का प्रचार अभियान पूरे जोर-शोर से चल रहा है। इस बार चुनावी मैदान सिर्फ वादों तक सीमित नहीं है, बल्कि वोटरों को आकर्षित करने के लिए नए-नए और अनोखे तरीके अपनाए जा रहे हैं। पूरा चुनावी माहौल अब एक “लाइव शो” जैसा नजर आ रहा है, जिसका मकसद सीधे तौर पर वोटरों का दिल जीतना है। सुबह से ही उम्मीदवार घर-घर जाकर प्रचार, जुलूस और जनसभाएं कर रहे हैं।

आलगापुर-काटलीछड़ा विधानसभा क्षेत्र में इस बार बहुमुखी मुकाबले की तस्वीर साफ होती दिख रही है। इस क्षेत्र में कुल 15 उम्मीदवार मैदान में हैं, लेकिन मुख्य मुकाबला कांग्रेस उम्मीदवार जुबैर आनाम मजूमदार, भाजपा समर्थित एनडीए गठबंधन के एजीपी उम्मीदवार जाकिर हुसैन लस्कर, और दो निर्दलीय उम्मीदवार निज़ाम उद्दीन चौधुरी तथा सुजाम उद्दीन लस्कर के बीच माना जा रहा है।

इनमें जाकिर हुसैन लस्कर, निज़ाम उद्दीन चौधुरी और सुजाम उद्दीन लस्कर पूर्व विधायक रह चुके हैं और जिले के हाइलाकांदी, आलगापुर और काटलीछड़ा क्षेत्रों से एआईयूडीएफ का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। हाल ही में जाकिर हुसैन लस्कर ने असम गण परिषद (एजीपी) में शामिल होकर पार्टी का टिकट हासिल किया है। तीनों ही उम्मीदवार अनुभवी और क्षेत्र में अच्छी पकड़ रखने वाले माने जाते हैं।

वहीं, कांग्रेस उम्मीदवार जुबैर आनाम मजूमदार राजनीति में नए हैं। विरोधी दल उन्हें बराक घाटी के बाहर का निवासी बताकर निशाना बना रहे हैं, हालांकि वह अपने स्तर पर लगातार जोरदार प्रचार अभियान चला रहे हैं। अब तक उनके समर्थन में कांग्रेस का कोई बड़ा नेता क्षेत्र में प्रचार के लिए नहीं पहुंचा है।

इस बीच, निर्दलीय उम्मीदवार निज़ाम उद्दीन चौधुरी की एक चुनावी सभा में एक कार्यकर्ता द्वारा लाइव गाना गाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इस कार्यक्रम को देखकर ऐसा प्रतीत हुआ मानो यह एक मनोरंजन मंच हो। इससे पहले टिकट न मिलने पर उन्होंने सहानुभूति पाने के लिए जनसभा भी की थी और अब निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में उतरे हैं।

दूसरे निर्दलीय उम्मीदवार सुजाम उद्दीन लस्कर भी प्रचार में पीछे नहीं हैं और जोरदार अभियान चला रहे हैं। हालांकि, राजनीतिक जानकारों का मानना है कि उनके खिलाफ छात्र आंदोलन का असर उनके वोट बैंक पर पड़ सकता है। सुलतानी में प्रस्तावित मॉडल डिग्री कॉलेज की स्थायी इमारत के स्थान परिवर्तन को लेकर हुए विरोध और “गो बैक” जैसे नारों ने मतदाताओं के बीच सवाल खड़े किए हैं।

इधर, केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग राज्य मंत्री अजय थामता ने हाल ही में मोहनपुर चौरंगी में जनसभा कर एजीपी उम्मीदवार जाकिर हुसैन लस्कर के समर्थन में प्रचार किया। इसके अलावा, करीमगंज के सांसद कृपानाथ मल्ला समेत भाजपा के कई नेता भी उनके पक्ष में सक्रिय हैं, ताकि एनडीए गठबंधन इस सीट पर जीत दर्ज कर सके।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, क्षेत्र में जिस तरह का प्रचार अभियान चल रहा है, उससे स्पष्ट है कि मुकाबला बहुमुखी और कड़ा होगा। डिलिमिटेशन के बाद इस विधानसभा क्षेत्र में कुल 2,78,364 मतदाता हैं, जिनमें बड़ी संख्या मुस्लिम वोटरों की है। ऐसे में चार प्रमुख उम्मीदवारों के बीच वोटों के बंटवारे की संभावना है, जिससे लगभग 49 हजार हिंदू वोट बैंक निर्णायक भूमिका निभा सकता है।

कुल मिलाकर, आलगापुर-काटलीछड़ा विधानसभा सीट पर इस बार चार प्रमुख उम्मीदवारों के बीच कांटे की टक्कर होने के पूरे आसार हैं।

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