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सूर्यकांत सरकार और आयशा सुल्ताना भाजपा में शामिल, वैजयंत पांडा बोले—जनता फिर बनाएगी भाजपा सरकार
शिलचर, 7 अप्रैल (रानु दत्ता):
असम की जनता एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनाने का मन बना चुकी है। भाजपा में परिवारवाद के लिए कोई स्थान नहीं है—एक चाय बेचने वाला व्यक्ति भी कड़ी मेहनत और समर्पण के बल पर देश का प्रधानमंत्री बन सकता है। यह बात भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं असम प्रभारी वैजयंत पांडा ने मंगलवार को शिलचर स्थित भाजपा जिला कार्यालय में आयोजित एक भव्य सदस्यता ग्रहण कार्यक्रम में कही।
उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक शक्ति के रूप में तेजी से आगे बढ़ रहा है। आज भाजपा के 14 करोड़ से अधिक सदस्य हैं, जिससे यह विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बन चुकी है।
पांडा ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में देश विकास के नए आयाम छू रहा है। वहीं, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा के नेतृत्व में राज्य में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। उन्होंने दावा किया कि 2016 से पहले असम में अस्थिरता और हिंसा का माहौल था, लेकिन भाजपा सरकार आने के बाद उग्रवाद और हिंसक घटनाओं में भारी कमी आई है।
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए पांडा ने कहा कि विपक्ष के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है, इसलिए वह झूठी खबरों और बेबुनियाद आरोपों का सहारा ले रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पैसे के बल पर मीडिया के जरिए भ्रम फैलाने की कोशिश कर रही है, लेकिन जनता अब इसे स्वीकार नहीं कर रही।
इस अवसर पर शिलचर लोकसभा क्षेत्र के कांग्रेस नेता सूर्यकांत सरकार और आयशा सुल्ताना ने औपचारिक रूप से भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। भाजपा नेताओं ने दोनों का स्वागत किया। कार्यक्रम में कछार जिला भाजपा अध्यक्ष रूपम साहा, सांसद परिमल शुक्लवैद्य, राज्यसभा सांसद कनाद पुरकायस्थ तथा मध्य प्रदेश की सांसद कविता पटिदार सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे।
भाजपा में शामिल होने के बाद सूर्यकांत सरकार ने कहा कि कांग्रेस का अस्तित्व संकट में है और वहां रहकर आम जनता के लिए काम करना संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि उन्होंने पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को अपना इस्तीफा सौंपा, लेकिन पार्टी की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।
वहीं, आयशा सुल्ताना ने कहा कि उन्होंने पहले एजीपी के लिए काम किया, लेकिन टिकट न मिलने के बाद कांग्रेस में शामिल हुईं। वहां भी उन्हें निराशा हाथ लगी और सच्चाई सामने आने के बाद उन्होंने भाजपा में शामिल होने का निर्णय लिया।
अंत में वैजयंत पांडा ने विश्वास जताया कि असम और बराक घाटी की जनता भाजपा को पुनः आशीर्वाद देगी और पार्टी तीसरी बार सरकार बनाने में सफल होगी।




















