उधारबंद में हाईस्कूल परीक्षा परिणाम निराशाजनक, शिक्षा जगत में चिंता

निहार कांति राय, उधारबंद, 10 अप्रैल:

उधारबंद क्षेत्र में इस वर्ष हाईस्कूल अंतिम परीक्षा (HSLC) के परिणाम अपेक्षाकृत कमजोर रहने से शिक्षाविदों और जागरूक नागरिकों के बीच चिंता का माहौल है। कभी शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी माने जाने वाले उधारबंद के विद्यालयों का प्रदर्शन लगातार गिरता नजर आ रहा है।

उधारबंद का डी.एन.एच.एस. स्कूल कभी इस क्षेत्र की शैक्षणिक पहचान हुआ करता था। यहां प्रवेश के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धात्मक परीक्षा देनी पड़ती थी और अभिभावक अपने बच्चों को इस स्तर तक तैयार करते थे। इसी विद्यालय के पूर्व छात्र स्वर्गीय कबींद्र पुरकायस्थ, जो बाद में केंद्रीय मंत्री बने, इस संस्थान की गौरवशाली परंपरा का उदाहरण हैं। इसके अलावा, इस स्कूल के अनेक छात्र-छात्राएं आज विभिन्न सरकारी और निजी क्षेत्रों में उच्च पदों पर कार्यरत हैं।

हालांकि, वर्तमान में विद्यालयों की भौतिक संरचना में सुधार हुआ है, लेकिन शिक्षा की गुणवत्ता में गिरावट स्पष्ट रूप से देखी जा रही है, जो चिंता का विषय बन गया है।

प्रमुख विद्यालयों के परीक्षा परिणाम इस प्रकार हैं:

  • कांचा कांती विद्या मंदिर: कुल 59 परीक्षार्थी, 55 उत्तीर्ण
    प्रथम श्रेणी: 34, द्वितीय: 20, तृतीय: 1, लेटर: 20
  • के.बी.जे.आर. विद्यालय: कुल 98 परीक्षार्थी, 40 उत्तीर्ण
    प्रथम श्रेणी: 6, द्वितीय: 27, तृतीय: 7
  • शालगंगा मर्ली हायर सेकेंडरी स्कूल: कुल 138 परीक्षार्थी, 63 उत्तीर्ण
    प्रथम श्रेणी: 9, द्वितीय: 34, तृतीय: 20, लेटर: 12
  • आनंद मार्ग हाईस्कूल: कुल 21 परीक्षार्थी, 17 उत्तीर्ण
    प्रथम श्रेणी: 5, द्वितीय: 12, लेटर: 4
  • उधारबंद शिक्षा सदन: कुल 36 परीक्षार्थी
    प्रथम श्रेणी: 11, द्वितीय: 17, लेटर: 21, डिस्टिंक्शन: 2, स्टार: 1
  • इटाछड़ा मॉडल स्कूल: कुल 59 परीक्षार्थी, 18 उत्तीर्ण
    प्रथम श्रेणी: 1, द्वितीय: 11, तृतीय: 6
  • गुरुकुल हाईस्कूल: कुल 23 परीक्षार्थी, 21 उत्तीर्ण
    प्रथम श्रेणी: 4, द्वितीय: 15, तृतीय: 2, लेटर: 4
  • कुंभिरग्राम हाईस्कूल: कुल 78 परीक्षार्थी, 42 उत्तीर्ण
    द्वितीय श्रेणी: 24, तृतीय: 18

उधारबंद के विद्यालयों का यह गिरता प्रदर्शन शिक्षा व्यवस्था के लिए एक चेतावनी है। स्थानीय लोगों का मानना है कि केवल आधारभूत ढांचे के विकास से शिक्षा का स्तर नहीं सुधर सकता, इसके लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षण और सख्त शैक्षणिक अनुशासन की आवश्यकता है।