हारंग पुल हादसे के एक वर्ष बाद भी नहीं हटाई गई दुर्घटनाग्रस्त लोरी, जाम और हादसों का बढ़ा खतरा
शिलचर–कलाइन सड़क के भांगारपार क्षेत्र में रोज़ाना परेशानी, प्रशासन पर लापरवाही के आरोप
कछार जिले में हारंग नदी पर स्थित हारंग पुल ध्वस्त हुए लगभग एक वर्ष बीत जाने के बावजूद दुर्घटनाग्रस्त एक लोरी को अब तक नहीं हटाया गया है। इस वजह से शिलचर–कलाइन मुख्य मार्ग के भांगारपार इलाके में प्रतिदिन भारी यातायात जाम की स्थिति बन रही है और स्थानीय निवासियों तथा राहगीरों में दुर्घटना की आशंका को लेकर भय का माहौल बना हुआ है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, पिछले वर्ष 18 जून की तड़के पुल ध्वस्त होने के समय दो ओवरलोडेड ट्रक पुल पार करने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान दोनों वाहन नदी में गिर गए थे। बाद में दोनों को निकालकर सड़क किनारे रखा गया, लेकिन आज तक उनमें से एक लोरी को स्थायी रूप से नहीं हटाया गया है। परिणामस्वरूप पहले से ही संकीर्ण इस सड़क की चौड़ाई और कम हो गई है।
इस क्षेत्र में दिनभर वाहनों की लंबी कतारें देखी जाती हैं। खासकर सुबह और शाम के व्यस्त समय में जाम की स्थिति अत्यंत गंभीर हो जाती है, जिससे लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि रोज़ाना कार्यालय और बाजार आने-जाने में उन्हें अत्यधिक परेशानी झेलनी पड़ती है। सड़क पर खड़ी लोरी के कारण यातायात लगभग बाधित हो जाता है, और बारिश के दौरान दुर्घटनाओं का खतरा और बढ़ जाता है। शाम और रात के समय यह मार्ग और भी जोखिमपूर्ण हो जाता है।
निवासियों ने प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा है कि पुल की मरम्मत और मलबा हटाने में देरी के कारण यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है। संकरी सड़क और अपर्याप्त व्यवस्था के चलते हर दिन दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द दुर्घटनाग्रस्त लोरी को हटाया जाए और पुल के पुनर्निर्माण कार्य को तेजी से पूरा किया जाए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके।




















