महिला आरक्षण विधेयक को लेकर कांग्रेस व विपक्ष पर हमला, शिलचर में 26 अप्रैल को भाजपा महिला मोर्चा की विरोध रैली
शिलचर, 22 अप्रैल (रानू दत्ता): लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक—131वां संशोधन, जिसे ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के नाम से जाना जाता है—पर कांग्रेस एवं अन्य विपक्षी दलों की भूमिका के विरोध में भाजपा काछार जिला महिला मोर्चा ने शिलचर में 26 अप्रैल को जोरदार विरोध रैली निकालने का ऐलान किया है। इसके साथ ही विधेयक के समर्थन में जन-जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा।
बुधवार को शिलचर में आयोजित एक पत्रकार सम्मेलन में यह जानकारी दी गई। इस दौरान भाजपा काछार जिला अध्यक्ष रूपम साहा, महिला मोर्चा की सह-अध्यक्षा रंजू सिन्हा, मणिपुरी डेवलपमेंट काउंसिल की चेयरपर्सन रीना सिन्हा, महिला नेता गौरी चक्रवर्ती, संध्या आचार्य, देवमाला दास सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।
रीना सिन्हा ने बताया कि हाल ही में लोकसभा में यह विधेयक आवश्यक दो-तिहाई बहुमत (364 मत) हासिल नहीं कर सका, जिसके कारण इसे पारित नहीं किया जा सका। उन्होंने कहा कि विधेयक के पक्ष में 296 वोट पड़े थे। इस प्रस्तावित कानून के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में सीटों की संख्या बढ़ाकर महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने की योजना थी, लेकिन विपक्ष के विरोध के चलते यह संभव नहीं हो पाया।
उन्होंने विपक्षी दलों, विशेषकर कांग्रेस और ‘इंडी’ गठबंधन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उन्होंने खुद को “महिला विरोधी” साबित किया है और देश की महिला शक्ति का अपमान किया है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि वर्ष 2023 में इस संशोधन को पारित किया गया था, लेकिन इसके साथ परिसीमन (डिलिमिटेशन) लागू नहीं किया गया, जो एक महत्वपूर्ण पहलू है।
रूपम साहा ने कहा कि यह विधेयक महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को मजबूत करता और देश के विकास में उनकी सक्रिय भूमिका सुनिश्चित करता। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि देश में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक नया अध्याय शुरू हुआ है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के विरोध के कारण यह ऐतिहासिक कदम अधूरा रह गया। उन्होंने कहा कि यदि यह विधेयक और परिसीमन लागू होता, तो लोकसभा की सीटें बढ़कर 850 हो जातीं, असम में 199 विधानसभा सीटें और बराक घाटी में 21 सीटें होतीं।
रूपम साहा ने आगे कहा कि 2029 के आम चुनाव को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय महत्वपूर्ण था। उन्होंने दावा किया कि विधेयक पारित होने पर बराक घाटी से सात महिला उम्मीदवार विधानसभा में चुनाव लड़ सकती थीं।
भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर लगातार विरोध की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि वह कभी भी देशहित में सकारात्मक भूमिका नहीं निभाती। साथ ही आगामी चुनावों को लेकर भी उन्होंने भाजपा की जीत का दावा किया।
महिला मोर्चा ने स्पष्ट किया कि 26 अप्रैल को शिलचर में निकाली जाने वाली रैली के माध्यम से वे इस मुद्दे पर जनसमर्थन जुटाएंगे और महिलाओं के अधिकारों के लिए अपनी आवाज बुलंद करेंगे।




















