असम विधानसभा चुनाव 2026 : काछाड़ में मतगणना को लेकर प्रशासन अलर्ट, सुरक्षा और पारदर्शिता पर विशेष जोर

4 मई सुबह 8 बजे से शुरू होगी मतगणना, करीब 700 कर्मी रहेंगे तैनात
मीडिया के लिए विशेष सेंटर, मोबाइल और कैमरे पर रहेगा प्रतिबंध
शिलचर, 28 अप्रैल : असम विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से सम्पन्न कराने के लिए काछाड़ जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। जिला उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी आयुष गर्ग, आईएएस ने सोमवार को ईसीआई मान्यता प्राप्त मीडिया प्रतिनिधियों के साथ आयोजित बैठक में मतगणना प्रक्रिया से जुड़े सुरक्षा प्रबंधों, निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों तथा मीडिया प्रोटोकॉल की विस्तृत जानकारी दी।
सिलचर स्थित जिला आयुक्त कार्यालय के पुराने सम्मेलन कक्ष में आयोजित बैठक में जिला विकास आयुक्त राजीव रॉय, निर्वाचन अधिकारी मासी टोपनो तथा बराक वैली जोन, सिलचर के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के उपनिदेशक लकी बिस्वास भी उपस्थित थे। बैठक में जिलेभर के वरिष्ठ पत्रकारों ने भाग लिया।
जिला निर्वाचन अधिकारी आयुष गर्ग ने बताया कि राज्य में मतदान 9 अप्रैल को सम्पन्न हो चुका है और मतगणना 4 मई को आईएसटीटी, रामनगर में सुबह 8 बजे पोस्टल बैलेट की गिनती से शुरू होगी। इसके बाद सुबह 8:30 बजे से सभी विधानसभा क्षेत्रों के ईवीएम मतों की गिनती प्रारंभ की जाएगी। प्रशासन को उम्मीद है कि लगभग 10 से 11 घंटे के भीतर पूरी मतगणना प्रक्रिया सम्पन्न कर ली जाएगी।
उन्होंने बताया कि मतगणना कार्य के लिए लगभग 700 कर्मियों की तैनाती की जाएगी। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में लगभग 16 से 17 राउंड की मतगणना होगी, जबकि कटीगोड़ा विधानसभा क्षेत्र में करीब 21 राउंड की गिनती होने की संभावना है।
मतगणना केंद्रों पर अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। स्ट्रांग रूम की 24 घंटे निगरानी की जा रही है, जहां केंद्रीय अर्धसैनिक बलों एवं असम पुलिस के जवान तैनात हैं। मतगणना परिसर के चारों ओर बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा बनाया जाएगा तथा सीसीटीवी निगरानी, बैरिकेडिंग, वाहन नियंत्रण और भीड़ प्रबंधन के विशेष इंतजाम किए गए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात रहेगा।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि मतगणना केंद्र में प्रवेश केवल अधिकृत अधिकारियों, कर्मचारियों, प्रत्याशियों तथा उनके अधिकृत एजेंटों को ही दिया जाएगा। निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मतगणना हॉल के भीतर मोबाइल फोन और कैमरा ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। यह नियम प्रत्याशियों, एजेंटों और मीडिया कर्मियों पर भी समान रूप से लागू होगा।
मीडिया प्रतिनिधियों के लिए मुख्य मतगणना हॉल से कुछ दूरी पर एक विशेष मीडिया सेंटर स्थापित किया जाएगा, जहां कंप्यूटर, प्रिंटर और इंटरनेट जैसी सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। मीडिया कर्मी केवल इसी सेंटर तक मोबाइल फोन ले जा सकेंगे। प्रशासन की ओर से सुरक्षित मोबाइल जमा करने की व्यवस्था भी की जाएगी।
निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत केवल अधिकृत हैंडहेल्ड कैमरों को सीमित रूप से अनुमति दी जाएगी, जबकि कंट्रोल यूनिट, वीवीपैट या मतपत्रों पर दर्ज मतों की तस्वीर या वीडियो रिकॉर्डिंग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। मीडिया प्रतिनिधियों को छोटे समूहों में निर्धारित समय पर मतगणना हॉल का भ्रमण कराया जाएगा तथा सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली के माध्यम से रुझान और परिणामों की जानकारी साझा की जाएगी।
प्रशासन ने बताया कि प्रत्येक मतगणना टेबल पर माइक्रो ऑब्जर्वर और चुनाव अधिकारियों की तैनाती की जाएगी। ईवीएम और वीवीपैट की गिनती निर्वाचन आयोग के निर्धारित नियमों के अनुसार होगी। जिला प्रशासन ने सभी राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों और मीडिया से सहयोग बनाए रखने की अपील की है।
शांतिपूर्ण मतदान के बाद अब काछाड़ जिले की विभिन्न विधानसभा सीटों के परिणामों को लेकर राजनीतिक दलों के साथ-साथ आम जनता में भी भारी उत्सुकता देखी जा रही है। जिलेभर की निगाहें अब 4 मई को होने वाली मतगणना पर टिकी हैं।




















