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सही चुनाव करे।
मनुष्य को परिस्थिति के अनुरूप सही चुनाव करना चाहिए वरना एक गलत चुनाव जीवन भर पछताने पर मजबूर कर देता है। मेरा चुनाव का अर्थ सार्थक जीवन और जीवन के अस्तित्व से संबंधित है। ऐसे मे हमे दूरदर्शी दृष्टि रखते हुए ऐसा निष्ठावान, दूरदर्शी, हितैषी, मित्र तथा सलाहकार चयन करना चाहिए जो हमे वर्तमान के साथ- साथ आने वाले पीढ़ी को भी सुरक्षित रहने का सही मार्गदर्शन दे सके। सच्चा मित्र वही होता है जो हमारे गलतियों पर ब्रेकर का काम करे और सही कार्यो के लिए प्रोत्साहित करे। आज के युग मे सुदामा के लिए सभी कृष्ण सरीखे मित्र तो नहीं है परन्तु धन से न सही पर मन से तो कृष्ण – सुदामा सरीखे मित्रता निभाई जा सकती है। हमारे जीवन मे सच्ची मित्रता की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। काठ पेंसिल ना गलत चित्र बना सकता है ना गलत लिख सकता है क्योंकि उसके पास एक सच्चा मित्र रबर होता है ठीक उसी प्रकार हमारे जीवन मे भी सच्चा मित्र या सलाहकार होना चाहिए जो हमारे गलतियों को सुधारते रहे और सही तथा न्यायोचित कार्यो के लिए अंगद की तरह पांव जमा दे। गलत तथा अन्याय के प्रति मौन रहने वाले मित्र या सलाहकार घातक होते है यह हम सब महाभारत मे द्रौपदी चीरहरण के दौरान मौन रहने वाले महारथियों का हश्र देख चुके है। कहने का तात्पर्य यह है कि मित्रता मात्र औपचारिकताएं नही है बल्कि एक महत्वपूर्ण उत्तरदायित्व है।
पवन कुमार शर्मा (शिक्षक)



















