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दूरदराज़ चाय बागान से डॉक्टर बनने तक: श्रीभूमि के मनीष कैरी बने युवाओं के लिए प्रेरणा
रंजीत कोईरी पाथरकांदी, 08 मई: बराक घाटी के श्रीभूमि जिले ने एक बार फिर गौरव का क्षण देखा है। पाथरकांदी समष्टि के अंतर्गत आने वाले इचाबील चाय बागान के निवासी मनीष कोईरी ने कठिन परिस्थितियों और सीमित संसाधनों को पीछे छोड़ते हुए एमबीबीएस की डिग्री हासिल कर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। आज उनकी सफलता चाय बागान क्षेत्रों के युवाओं के लिए प्रेरणा का प्रतीक बन चुकी है।
प्रत्यंत चाय बागान क्षेत्र से निकलकर डॉक्टर बनने का मनीष का सफर संघर्ष, मेहनत और अटूट आत्मविश्वास की मिसाल है। आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने अपने लक्ष्य से कभी समझौता नहीं किया। उनकी इस उपलब्धि से न केवल परिवार बल्कि पूरा चाय जनसमुदाय गर्व महसूस कर रहा है।
मनीष कोईरी के दादा महाबल कोईरी भी चाय बागान क्षेत्र में एक सम्मानित और परिचित व्यक्तित्व रहे हैं। उन्होंने वर्षों तक चाय बागान के विकास और श्रमिकों के कल्याण के लिए कार्य किया। वर्तमान में सेवानिवृत्त होने के बावजूद समाज में उनकी विशेष पहचान बनी हुई है। नाती की इस ऐतिहासिक सफलता पर उन्होंने गहरी खुशी और गर्व व्यक्त किया।
बुधवार को मनीष कोईरी को बधाई देने के लिए उनके निवास पर समाजसेवी घनश्याम कैरी सहित क्षेत्र के कई गणमान्य लोग पहुंचे। सभी ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि मनीष की सफलता पूरे इलाके के लिए गौरव का विषय है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि मनीष कोईरी की उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों को बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने की प्रेरणा देगी। दूरदराज़ चाय बागान क्षेत्र से निकलकर डॉक्टर बनने की यह कहानी इस बात का प्रमाण है कि दृढ़ संकल्प और मेहनत के बल पर कोई भी मंज़िल हासिल की जा सकती है।



















