फॉलो करें

शिलचर संगीत विद्यालय में अंतरराष्ट्रीय धामाइल दिवस मनाया गया

31 Views

शिलचर संगीत विद्यालय में अंतरराष्ट्रीय धामाइल दिवस मनाया गया

शिलचर, 26 मई।
शिलचर संगीत विद्यालय के मुकुंददास–कालिकाप्रसाद स्मृति मंच पर मंगलवार सुबह 11 बजे “सम्मिलित लोकमंच” के तत्वावधान में अंतरराष्ट्रीय धामाइल दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ पंचप्रदीप प्रज्ज्वलन तथा प्रख्यात लोकशिल्पी राधारमण दत्त के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया।

इस अवसर पर मुख्य अतिथियों में असम विश्वविद्यालय के बंगला विभाग के पूर्व प्राध्यापक डॉ. विश्वतोष चौधुरी, डॉ. विभास देव, नेहरू कॉलेज के बंगला विभाग की अध्यक्षा मेघमाला दे मोहंत, डॉ. बरुण ज्योति चौधुरी, समाजसेवी स्वर्णाली चौधुरी तथा सम्मिलित लोकमंच के सचिव भास्कर दास उपस्थित थे। अतिथियों को पारंपरिक गमछा एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।

स्वागत भाषण में सचिव भास्कर दास ने संस्था के 11 वर्षों के कार्यों का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत करते हुए धामाइल नृत्य और संगीत को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में मंत्री कौशिक राय को भी ज्ञापन सौंपा गया है तथा भविष्य में राज्य सरकार के सहयोग की अपेक्षा जताई गई है।

डॉ. विश्वतोष चौधुरी ने राधारमण दत्त को बंगला साहित्य के प्रसिद्ध साधक कवि एवं वैष्णव बाउल-धामाइल गीतों के रचनाकार के रूप में स्मरण करते हुए कहा कि उनके गीतों में कृष्ण-विरह, प्रेम और भक्ति की गहरी अभिव्यक्ति मिलती है। उन्होंने कहा कि धामाइल गीत सिलचर, कछार, त्रिपुरा, सिलेट और मयमनसिंह क्षेत्र में अत्यंत लोकप्रिय हैं तथा नई पीढ़ी को इस लोकपरंपरा के संरक्षण और प्रचार के लिए आगे आना चाहिए।

मेघमाला दे मोहंत ने कहा कि वैश्वीकरण और शहरीकरण के इस दौर में लोक संस्कृति एवं परंपराओं को संरक्षित और पुनर्जीवित करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने धामाइल को समाज के सांस्कृतिक विकास और इतिहास का जीवंत दस्तावेज बताया।

कार्यक्रम में डॉ. विभास देव, डॉ. बरुण ज्योति चौधुरी एवं समाजसेवी स्वर्णाली चौधुरी ने भी धामाइल की सांस्कृतिक महत्ता पर प्रकाश डाला तथा आयोजन के लिए सम्मिलित लोकमंच की सराहना की।

सांस्कृतिक प्रस्तुति में राई किशोरी संस्था, मां भवानी संस्था, दूधपातिल नृत्य निकेतन सहित आमंत्रित कलाकारों ने धामाइल गीत एवं नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। एकल प्रस्तुति में प्रियंका राय, रिंकू चौधुरी, मंगला नाथ और शुक्ला नाथ ने विशेष आकर्षण बिखेरा। वहीं सुमित बारी ने धामाइल से जुड़े अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा किए।

कार्यक्रम को सफल बनाने में सम्मिलित लोकमंच के सहाध्यक्ष शांतनु राय, मंगला नाथ, सांस्कृतिक सचिव कानाइलाल दास, कोषाध्यक्ष झिमली नाथ, सह-सांस्कृतिक सचिव मोनिमिता गोस्वामी, गौरीशंकर नाथ, दीपक नाथ, सर्वशी नाथ, जॉली शुक्लवैद्य, ज्वेल नाथ, जलसा नाथ एवं रिंकू चौधुरी सहित अन्य सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई।

Share this post:

Leave a Comment

खबरें और भी हैं...

लाइव क्रिकट स्कोर

कोरोना अपडेट

Weather Data Source: Wetter Indien 7 tage

राशिफल