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असम की संस्कृति की झलक दिखाएगा संगमतट महाकुंभ, 13 जनवरी से होगी शुरुआत

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प्रे.स. गुवाहाटी, 19 दिसंबर: संगमतट पर 13 जनवरी से शुरू होने वाले महाकुंभ में असम की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर की झलक देखने को मिलेगी। यह आयोजन 26 फरवरी तक चलेगा, जिसमें असम के विशेष सांस्कृतिक पहलुओं को प्रदर्शित किया जाएगा।
गुवाहाटी प्रेस क्लब में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में शाही अखाड़े के महामंडलेश्वर 1008 केशव दासजी महाराज ने महाकुंभ के आयोजन की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मेले में तीन शाही स्नान होंगे, जो 14 जनवरी, 29 जनवरी और 3 फरवरी को आयोजित किए जाएंगे।
असम की संस्कृति होगी प्रमुख आकर्षण
महाकुंभ स्थल पर असम के प्रसिद्ध मां कामाख्या देवालय का मॉडल प्रदर्शित किया जाएगा। इसके साथ ही नामघरों और गुरु आसनों का भी निर्माण किया जाएगा, जहां श्रद्धालु पूजा-अर्चना कर सकेंगे। मेले में असम की पूजा-पद्धतियों पर आधारित एक विशेष प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों में राम विजय नाटक का मंचन, नाम-कीर्तन, बंबू डांस और सत्रीया नृत्य जैसे कार्यक्रम प्रमुख आकर्षण रहेंगे। ये आयोजन असम की संस्कृति को राष्ट्रीय स्तर पर प्रचारित करने का माध्यम बनेंगे।
निःशुल्क ठहरने की व्यवस्था
महामंडलेश्वर ने बताया कि महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए ठहरने की निःशुल्क व्यवस्था की गई है। यदि कोई श्रद्धालु स्वेच्छा से दान करना चाहे, तो उसे स्वीकार किया जाएगा।
महाकुंभ में असम के सत्रों के सत्राधिकार भी भाग लेंगे, जिससे इस आयोजन का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व और बढ़ जाएगा। महामंडलेश्वर ने राज्य के सभी नागरिकों को इस ऐतिहासिक महाकुंभ में भाग लेने का आमंत्रण दिया।
आगामी महाकुंभ न केवल श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक अनुभव का केंद्र बनेगा, बल्कि असम की सांस्कृतिक धरोहर को वैश्विक मंच पर ले जाने का भी माध्यम साबित होगा।

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