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गुरुचरण विश्वविद्यालय में “एआई-आधारित नवाचार” पर व्याख्यान, भारत के तकनीकी भविष्य पर जोर

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गुरुचरण विश्वविद्यालय में “एआई-आधारित नवाचार” पर व्याख्यान, भारत के तकनीकी भविष्य पर जोर

गुरुचरण विश्वविद्यालय के कंप्यूटर साइंस विभाग के तत्वावधान में गत शनिवार विश्वविद्यालय के सभागार में “एआई-निर्भर नवाचार एवं प्रौद्योगिकी-नेतृत्व वाले राष्ट्र निर्माण: भारत का रोडमैप” विषय पर एक विशेष आमंत्रित व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षकों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों की उपस्थिति रही।

कार्यक्रम के मुख्य संरक्षक के रूप में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर निरंजन राय उपस्थित रहे, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में प्रख्यात विशेषज्ञ डॉ. ऋषि मोहन भटनागर ने शिरकत की। इसके अलावा शैक्षणिक रजिस्ट्रार डॉ. अभिजीत नाथ, कंप्यूटर साइंस विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. ओ. मेमा देवी सहित विभिन्न विभागों के प्राध्यापक एवं छात्र-छात्राएं भी मौजूद रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. ओ. मेमा देवी के स्वागत भाषण से हुआ, जिसमें उन्होंने उपस्थित अतिथियों का अभिनंदन करते हुए वर्तमान तकनीक-प्रधान युग में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की बढ़ती प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। इसके बाद कुलपति प्रो. निरंजन राय ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में राष्ट्र निर्माण में नवाचार और तकनीकी विकास की अहम भूमिका को रेखांकित किया।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण मुख्य वक्ता डॉ. ऋषि मोहन भटनागर का ज्ञानवर्धक और विश्लेषणात्मक व्याख्यान रहा। उन्होंने भारत में उभरती तकनीकों और नवाचार के क्षेत्र में हो रही प्रगति पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने ‘भारतीयजीपीटी (BharatiyaGPT)’ जैसे प्लेटफॉर्म की विशेषताओं का उल्लेख करते हुए अन्य जीपीटी मॉडल्स के साथ उसका तुलनात्मक विश्लेषण भी प्रस्तुत किया। साथ ही, उन्होंने देश के आईटी सेक्टर के विकास और सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में इसके महत्वपूर्ण योगदान को रेखांकित किया, जो भारत के आर्थिक विकास में तकनीक की भूमिका को स्पष्ट करता है।

व्याख्यान के दौरान डॉ. भटनागर ने विद्यार्थियों और विभिन्न संस्थागत प्रकोष्ठों के प्रतिनिधियों के साथ संवाद भी किया। इस इंटरैक्टिव सत्र में उन्होंने स्टार्टअप संस्कृति, उद्यमिता विकास, पेटेंट एवं बौद्धिक संपदा अधिकारों की अहमियत, तथा विश्वविद्यालयों में अनुसंधान एवं विकास (R&D) को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया।

कार्यक्रम का समापन कंप्यूटर साइंस विभाग की सहायक प्राध्यापिका दीपांजलि पाल के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने कार्यक्रम की सफल आयोजन के लिए सभी अतिथियों, आयोजकों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

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