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शिलचर मेडिकल कॉलेज पर लापरवाही का आरोप : गलत इलाज से मासूम प्रीतम ने गंवाया पैर, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

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शिलचर मेडिकल कॉलेज पर लापरवाही का आरोप : गलत इलाज से मासूम प्रीतम ने गंवाया पैर, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

गौतम सरकार, रामकृष्णनगर, 29 अप्रैल :
सरकारी अस्पतालों को गरीब और सामान्य लोगों के लिए सबसे बड़ा सहारा माना जाता है, लेकिन यदि वहीं इलाज में लापरवाही हो जाए तो किसी परिवार की पूरी जिंदगी बदल सकती है। ऐसा ही एक दर्दनाक मामला रामकृष्णनगर विधानसभा क्षेत्र के बरूयाला गांव से सामने आया है, जहां कथित चिकित्सकीय लापरवाही के कारण एक मासूम बच्चे को अपना पैर गंवाना पड़ा।
जानकारी के अनुसार बरूयाला गांव निवासी प्रणत राय के पुत्र प्रीतम राय (द्वितीय कक्षा का छात्र) 21 अप्रैल की शाम अपने एक मित्र के साथ घर के सामने खेल रहा था। इसी दौरान सड़क से गुजर रही एक बाइक के पीछे दौड़ते समय वह गिर पड़ा और उसके दाहिने पैर के घुटने के ऊपर गंभीर चोट लग गई।
परिजन तुरंत उसे स्थानीय चिकित्सक डॉ. अल्ताफ हुसैन के पास ले गए। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टर ने बच्चे को तत्काल शिलचर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल ले जाने की सलाह दी। उसी रात परिवार प्रीतम को मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचा, जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने बताया कि उसके दाहिने पैर की हड्डी टूट गई है।
परिवार का आरोप है कि जिस स्थान पर चोट थी, वहां उचित उपचार करने के बजाय डॉक्टरों ने पैर के निचले हिस्से में कड़ा बैंडेज बांध दिया। इसके बाद बच्चे की स्थिति सुधरने के बजाय लगातार बिगड़ती चली गई। धीरे-धीरे उसके पैर में गंभीर संक्रमण और रक्त संचार की समस्या उत्पन्न हो गई।
हालत बिगड़ने पर परिजन प्रीतम को शिलचर के एक निजी नर्सिंग होम में ले गए। वहां डॉक्टरों ने जांच कर घुटने के ऊपर की टूटी हड्डी का ऑपरेशन किया। ऑपरेशन सफल रहा, लेकिन इससे पहले हुए कथित गलत उपचार के कारण घुटने के नीचे के हिस्से में रक्त प्रवाह बंद हो चुका था और पैर में सड़न शुरू हो गई थी।
स्थिति गंभीर होने पर चिकित्सकों ने बच्चे को गुवाहाटी रेफर कर दिया। बेहद आर्थिक तंगी के बावजूद परिवार उसे गुवाहाटी के एक निजी अस्पताल में लेकर गया, जहां मंगलवार को डॉक्टरों को उसकी जान बचाने के लिए दाहिना पैर काटना पड़ा। फिलहाल बच्चे की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है।
इस घटना के बाद पूरे इलाके में शिलचर मेडिकल कॉलेज की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सरकारी अस्पतालों में भी इस प्रकार की लापरवाही होगी, तो गरीब परिवार आखिर कहां जाएंगे।
प्रीतम राय रामकृष्णनगर शिक्षा खंड के अंतर्गत 1292 नंबर हरेंद्र नाथ एल.पी. स्कूल का द्वितीय कक्षा का छात्र है। स्कूल के प्रधानाध्यापक, शिक्षक-शिक्षिकाएं और छात्र-छात्राएं उसके शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे हैं।
बताया गया है कि प्रीतम के पिता एक दिहाड़ी मजदूर हैं और बेहद कठिन परिस्थितियों में परिवार का पालन-पोषण करते हैं। बेटे की इस दर्दनाक स्थिति ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। अब क्षेत्रभर में यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि इस घटना की जिम्मेदारी आखिर कौन लेगा — सरकार, अस्पताल प्रशासन या संबंधित चिकित्सक।

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