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हाइलाकांदी में भीषण अग्निकांड में जलकर राख हुई हजारों पाठ्यपुस्तकें
लंबे समय तक दमकल विभाग की मशक्कत, धुएं से ढका पूरा इलाका
प्रीतम दास हाइलाकांदी, ७ मई :
हाइलाकांदी जिले में गुरुवार को हुए एक भीषण अग्निकांड में शिक्षा विभाग के अंतर्गत विद्यार्थियों की हजारों पाठ्यपुस्तकें जलकर राख हो गईं। इस घटना को लेकर पूरे जिले में भारी सनसनी फैल गई। जिले के मत्स्य विभाग के कार्यालय के निचले तल में स्थित पाठ्यपुस्तकों के गोदाम में दोपहर के समय अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और गोदाम में रखी भारी मात्रा में पुस्तकें आग की चपेट में आ गईं।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, गुरुवार दोपहर लगभग १.३० बजे सबसे पहले गोदाम के अंदर से धुआं निकलता देखा गया। कुछ ही देर में आग तेजी से पूरे गोदाम में फैल गई। सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का प्रारंभिक प्रयास किया, लेकिन आग इतनी भयावह थी कि उसे नियंत्रित करना संभव नहीं हो पाया। इसके बाद तुरंत अग्निशमन विभाग को सूचना दी गई।घटना की जानकारी मिलते ही हाइलाकांदी दमकल केंद्र से एक के बाद एक अग्निशमन वाहन मौके पर पहुंचे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए काटलीछोड़ा, बदरपुर और शिलचर से भी अतिरिक्त दमकल वाहनों को बुलाया गया। कुल मिलाकर लगभग सात दमकल गाड़ियां लंबे समय तक आग पर काबू पाने का प्रयास करती रहीं। हालांकि गोदाम में रखी कागज से बनी सामग्री के कारण आग तेजी से फैलती गई, जिससे दमकल कर्मियों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।अग्निकांड के कारण पूरा इलाका घने काले धुएं से ढक गया। स्थानीय लोगों के अनुसार दूर-दूर तक धुएं का गुबार देखा गया। धुएं के कारण आसपास के क्षेत्रों में भय और अफरा-तफरी का माहौल बन गया तथा कई लोग सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए। प्रशासन की ओर से भी मौके पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। प्रारंभिक रूप से कर्मचारियों का अनुमान है कि शॉर्ट सर्किट के कारण ही इस भीषण आग की घटना हुई। हालांकि आग लगने के वास्तविक कारणों का अब तक स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। दमकल विभाग और प्रशासन की ओर से मामले की जांच शुरू कर दी गई है। आग पूरी तरह नियंत्रित होने के बाद ही नुकसान का सही आकलन किया जा सकेगा, ऐसा प्रशासनिक सूत्रों ने बताया। स्थिति को नियंत्रित करने तथा गोदाम के अंदर पहुंचने के लिए तीन बुलडोजर लाकर कार्यालय की दीवार तोड़ी गई। इसके बाद अंदर रखी पाठ्यपुस्तकों और अन्य सामग्रियों को बचाने का प्रयास किया गया। शिक्षा विभाग के कर्मचारियों के साथ-साथ स्थानीय लोगों ने भी राहत और बचाव कार्य में सहयोग किया। आम नागरिकों को दमकल कर्मियों की सहायता करते हुए भी देखा गया।इस घटना में भारी मात्रा में शैक्षणिक सामग्री नष्ट हो जाने से आगामी शैक्षणिक सत्र में विद्यार्थियों को पुस्तक वितरण प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। विशेष रूप से विभिन्न विद्यालयों में भेजने के लिए सुरक्षित रखी गई अनेक पाठ्यपुस्तकें आग में जलकर नष्ट हो गईं। इससे शिक्षा विभाग को भी बड़ी समस्या का सामना करना पड़ सकता है ऐसा संबंधित सूत्रों का मानना है।
लगभग दो घंटे से अधिक समय तक आग बुझाने का अभियान चलता रहा। हालांकि बाद में आग की लपटें कम हो गईं, फिर भी लंबे समय तक पूरा इलाका धुएं से घिरा रहा। दमकल कर्मियों ने यह भी जांच की कि कहीं अंदर कोई ज्वलनशील पदार्थ शेष तो नहीं है तथा दोबारा आग फैलने से रोकने के लिए एहतियाती कदम उठाए गए।
हाइलाकांदी के इस भीषण अग्निकांड में भारी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। प्रशासन की ओर से पूरे मामले पर लगातार नजर रखी जा रही है तथा नुकसान के आकलन का कार्य भी शुरू कर दिया गया है।





















