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नेट परीक्षा पेपर लीक मामले में बिहार से तीन गिरफ्तार,सात की तलाश,शक की सुई संजीव मुखिया पर, एक सप्ताह पहले जेल बदला गया
अनिल मिश्र की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट पटना से
राजस्थान में नीट पेपर लीक कांड के बाद Neet Exam 2026 को रद्द कर दिया गया है। लेकिन अब इसकी आंच बिहार तक भी पहुंच गई है। नीट परीक्षा में बिहार के तार जुड़ने से एक नई आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने इस मामले में कुछ लोगों को गिरफ्तार किया है और केस की तफ्तीश का एंगल सॉल्वर गैंग की तरफ मुड़ गया है।इस वर्ष तीन मई को हुई नीट यूजी की परीक्षा पेपर लीक होने के कारण रद्द कर दी गई है।सीबीआई अब पूरे मामले की जांच करेगी। आपको बताते चलें कि इससे पहले 2024 में भी नीट परीक्षा का पेपर लीक हुआ था।बिहार पुलिस ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार किया था। उसके बाद में सीबीआई ने इस केस को टेकओवर किया और फिलहाल यह मामला सीबीआई के पास है। आपको जानकारी दे दें कि कि सन् 2024 में परीक्षा के दिन 5 मई को ही बिहार पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि एक गाड़ी में पेपर लीक गैंग से जुड़े कुछ संदिग्ध घूम रहे हैं। पुलिस ने घेराबंदी की और सिकंदर यादवेंदु नामक एक आरोपी को उसके ड्राइवर के साथ गिरफ्तार किया।था उसके बाद पूछताछ करने के बाद उसके सेफ हाउस पर छापा मारा गया, यहां जले हुए प्रश्नपत्र, मोबाइल फोन और कई परीक्षार्थियों के एडमिट कार्ड बरामद हुए। सिकंदर बिचौलिए की भूमिका निभा रहा था।उसका भांजा अनुराग यादव भी परीक्षा दे रहा था।वह पेपर लीक माफियाओं और स्टूडेंट की बीच की कड़ी था।उसने माफियाओं से पेपर लेकर कई स्टूडेंट को दिया। सिकंदर के बयान के आधार पर अमित आनंद और नीतीश कुमार को गिरफ्तार किया गया। अमित और नीतीश दोनों संजीव मुखिया गैंग से जुड़े रहे हैं।इस बीच नीट पेपर लीक मामले में जेल भी जा चुका है।क्योंकि यह दोनों आरोपी संजीव मुखिया गैंग से जुड़े रहे और पूछताछ में उन्होंने संजीव मुखिया का जिक्र किया, इसलिए उसे इस पेपर लीक मामले का मास्टरमाइंड माना गया है। वहीं जानकारी प्राप्त हुई है कि इस वर्ष तीन मई 2026 के नीट परीक्षा से पहले संजीव मुखिया का जेल बदला गया।इस मामले के मास्टरमाइंड बताए जा रहे संजीव मुखिया के खिलाफ सीबीआई चार्जशीट फाइल नहीं कर पाई थी। इसलिए पिछले साल अगस्त में उसे नीट परीक्षा पेपर लीक मामले में जमानत मिल गई थी। लेकिन वह पुलिस भर्ती परीक्षा, शिक्षक भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में भी आरोपी है, इसलिए वह अभी भी जेल में बंद है।इस वर्ष तीन मई की नीट परीक्षा से एक सप्ताह पहले उसे पटना के बेऊर जेल से बक्सर जेल भेज दिया गया था। गौरतलब हो कि 2024 में 5 मई को दिन रविवार को पूरे देश में नीट यूजी की परीक्षा आयोजित की गई थी।परीक्षा के दौरान सॉल्वर गैंग का खुलासा हुआ और कई आरोपियों को गिरफ्तार भी किया गया था। इसके बाद जांच में पटना पुलिस ने बताया कि पेपर लीक हुआ है। इस मामले में पटना पुलिस ने अब तक कुल 45 लोगों को गिरफ्तार किया था। जिसमें पुलिस द्वारा सभी से पूछताछ किया गया था।इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों में काफी संख्या में मेडिकल के स्टूडेंट शामिल थे। उसके बाद सीबीआई ने इस मामले में अगस्त 2024 में पहली चार्जशीट दाखिल की थी। इसमें 13 आरोपियों के नाम थे। 2024 के ही सितंबर में 6 आरोपियों के खिलाफ दूसरी चार्जशीट दाखिल की थी।अब तक सीबीआई 5 चार्जशीट दाखिल कर चुकी है.। इसमें 45 आरोपियों को नामजद किया जा चुका है।
वहीं सूत्रों से मिली जानकारी मिली है कि गैंग NEET परीक्षा 2026 के उम्मीदवारों से 50 से 60 लाख रुपये तक लेकर परीक्षा में पास कराने के दावा करता था। इसके लिए पहले 2 से 5 लाख रुपये ले लिए जाते थे। इसके बाद सॉल्वर गैंग अपने मेडिकल परीक्षा के जानकारों को उनकी जगह सेंटर पर भेज कर परीक्षा दिलवाता था। वहीं इस वर्ष के नीट परीक्षा पेपर लीक मामले का उजागर राजस्थान से होते हुए बिहार पहुंच गया है।इस मामले में अभी तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं सात की तलाश जारी है। जबकि पुलिस के हत्थे चढ़े लोगों के नाम अवधेश कुमार, पंकज कुमार और अमन कुमार हैं। इनसे पूछताछ के बाद कहा जा रहा है कि पेपर लीक और सॉल्वर गैंग नेटवर्क के बीच भी लिंक मिला है। हालांकि इसकी कोई पुष्टि नहीं है। वहीं केस में अब सीबीआई की एंट्री हो चुकी है तो देर सबेर उसकी टीम भी जल्द ही बिहार आकर लिंग को खंगाल सकती है। जबकि नालंदा के पावापुर और आसपास के सॉल्वर गैंग की तलाश ।इस बात की पूरी उम्मीद है कि अब जांच का रुख पावापुरी और आसपास के इलाकों में सक्रिय सॉल्वर गैंग की तरफ होगा। एक न्यूज चैनल के अनुसार बिहार में इस केस के मुख्य आरोपी उज्जवल उर्फ राजा बाबू को भी पुलिस ढूंढ रही है। उसके लिए कई जगहों पर छापेमारी की गई है। उज्जवल उर्फ राजा बाबू पावापुरी मेडिकल कॉलेज में MBBS सेकेंड ईयर का स्टूडेंट है और इस नेटवर्क का अहम हिस्सा माना जा रहा है। कुछ लोग दबी जुबान से संजीव मुखिया का मास्टरमाइंड होने की बात कह रहे हैं। कारण जो भी हो लेकिन संजीव मुखिया के एक सप्ताह पहले जेल बदलना शक की ओर इशारा जरूर करता है।


















