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अपिन पहाड़गांव में कृत्रिम बाढ़ से जनजीवन अस्त-व्यस्त
अवैध फिशरी बांध हटाने की मांग पर लोगों में रोष प्रशासन के आश्वासन से मिली अस्थायी राहत
प्रतिनिधि हाइलाकांदी, २४ मई :
काटलीछोड़ा राजस्व सर्किल के अंतर्गत आने वाले अपिन द्वितीय खंड पहाड़गांव क्षेत्र में कृत्रिम बाढ़ के कारण स्थानीय लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। पिछले कई दिनों से गांव का एक बड़ा हिस्सा जलमग्न होने के कारण सामान्य जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। आवासीय क्षेत्र ग्रामीण सड़कें तथा महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग पानी में डूब जाने से सैकड़ों परिवार गंभीर समस्याओं से जूझ रहे हैं।स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में स्थित एक अवैध फिशरी (मत्स्य पालन केंद्र) का बांध प्राकृतिक जल निकासी व्यवस्था में बाधा उत्पन्न कर रहा है जिसके कारण जलभराव की स्थिति पैदा हुई है। हल्की वर्षा होने पर भी पानी बाहर नहीं निकल पाता और व्यापक क्षेत्र में जमा होकर वर्तमान में कृत्रिम बाढ़ का रूप ले चुका है। परिणामस्वरूप अनेक परिवार अपने घरों में ही सीमित रहने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है लेकिन इसके समाधान के लिए अब तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। पिछले दो दिनों से अधिकांश क्षेत्र जलमग्न होने के बावजूद प्रारंभिक चरण में प्रशासन का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी स्थिति का जायजा लेने नहीं पहुंचा, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ गई।
स्थिति गंभीर होने पर आज प्रशासन के विभिन्न विभागों के अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। कटलिछड़ा राजस्व सर्किल के सर्किल अधिकारी गौतम भास्कर, पुलिस प्रशासन के प्रतिनिधि तथा अन्य विभागों के अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। बाद में जिला परिषद सदस्य दिलोवार हुसैन बरभुइयां भी मौके पर पहुंचे और स्थानीय लोगों से चर्चा की।
इस दौरान किसानों के संगठन के महासचिव फरीद उद्दीन लस्कर, छात्र संगठन के नेता खैरुल इस्लाम बरभुइयां, एपी सदस्य बदरुल इस्लाम बरभुइयां, सुलैमान उद्दीन लस्कर, छारिम उद्दीन लस्कर सहित कई प्रमुख व्यक्तियों ने प्रशासन के समक्ष समस्या का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया और अवैध फिशरी बांध को तत्काल हटाने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो क्षेत्र के लोग व्यापक आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।बैठक के बाद सर्किल अधिकारी गौतम भास्कर ने बताया कि वर्तमान में क्षेत्र जलमग्न होने के कारण विस्तृत सर्वेक्षण कर पाना संभव नहीं है। हालांकि बाढ़ का पानी उतरने के बाद कटलिछड़ा और लाला राजस्व सर्किल के अधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से विस्तृत जांच की जाएगी। यदि जांच में यह प्रमाणित होता है कि फिशरी बांध के कारण ही जलभराव और कृत्रिम बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हुई है, तो संबंधित लोगों के विरुद्ध आवश्यक प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि वर्तमान परिस्थितियों में लोगों की आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए दो नौकाओं की व्यवस्था की जाएगी तथा पशुओं के चारे की समस्या से निपटने के लिए आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।हालांकि प्रशासन की इस घोषणा का स्थानीय लोगों ने स्वागत किया है, लेकिन उन्होंने इसके शीघ्र क्रियान्वयन की मांग भी की है। ग्रामीणों का कहना है कि अपिन पहाड़गांव की यह कृत्रिम बाढ़ केवल मौसमी समस्या नहीं बल्कि लंबे समय से चली आ रही जल निकासी व्यवस्था की खामियों का परिणाम है। इसलिए इसका स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के लिए त्वरित और प्रभावी कदम उठाना आवश्यक है।स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन द्वारा प्रस्तावित सर्वेक्षण और आगामी कार्रवाई के माध्यम से इस पुरानी समस्या का स्थायी समाधान निकलेगा और भविष्य में उन्हें इस प्रकार की परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा।





















