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INSV कौंडिन्य मस्कट पहुँचा, भारत-ओमान के 5,000 वर्ष पुराने समुद्री रिश्तों को दिया नया जीवन

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INSV कौंडिन्य मस्कट पहुँचा, भारत-ओमान के 5,000 वर्ष पुराने समुद्री रिश्तों को दिया नया जीवन

केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने मस्कट के पोर्ट सुल्तान काबूस में किया जहाज व क्रू का स्वागत
ओमान के परिवहन व आईटी मंत्री से द्विपक्षीय वार्ता, ग्रीन शिपिंग कॉरिडोर का प्रस्ताव

मस्कट (ओमान)।
भारतीय नौसेना का पारंपरिक नौकायन पोत INSV कौंडिन्य सफलतापूर्वक अपनी पहली ऐतिहासिक यात्रा पूरी करते हुए गुजरात के पोरबंदर से ओमान की राजधानी मस्कट पहुँच गया। इस अवसर पर केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने मस्कट के पोर्ट सुल्तान काबूस में जहाज और उसके चालक दल का भव्य स्वागत किया।

यह यात्रा भारत और ओमान के बीच 5,000 वर्षों पुराने समुद्री, सांस्कृतिक और सभ्यतागत संबंधों को पुनर्जीवित करने का प्रतीक मानी जा रही है। खास बात यह है कि यह अभियान ऐसे समय में सम्पन्न हुआ है, जब भारत और ओमान राजनयिक संबंधों के 70 वर्ष पूरे होने का उत्सव मना रहे हैं।

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा,

“INSV कौंडिन्य की मस्कट में यह ऐतिहासिक आमद केवल एक समुद्री यात्रा नहीं, बल्कि भारत-ओमान की प्राचीन मित्रता और साझा विरासत का उत्सव है। यह पोत प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की दूरदर्शी सोच का प्रतीक है, जिनके संकल्प से भारत की प्राचीन जहाज निर्माण परंपरा को फिर से विश्व पटल पर प्रस्तुत किया गया।”

प्राचीन भारतीय जहाज निर्माण कला का जीवंत उदाहरण

प्रसिद्ध भारतीय नाविक कौंडिन्य के नाम पर निर्मित यह पोत भारत की स्वदेशी समुद्री ज्ञान परंपरा, कारीगरी और सतत जहाज निर्माण तकनीकों को दर्शाता है। यह जहाज पाँचवीं शताब्दी ईस्वी के अजंता गुफा चित्रों में दर्शाए गए पोत से प्रेरित है और इसे बिना किसी आधुनिक कील या धातु के, सिले हुए तख्तों (stitched-plank technique) से बनाया गया है।

इस परियोजना की परिकल्पना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी, जिसे भारतीय नौसेना ने पुरातत्वविदों, नौसैनिक वास्तुकारों, पारंपरिक जहाज निर्माताओं और मास्टर शिपराइट्स के सहयोग से साकार किया।

भव्य स्वागत समारोह

स्वागत समारोह में ओमान के विरासत और पर्यटन मंत्रालय के अंडर सेक्रेटरी अज़ान अल बुसेदी, भारतीय नौसेना, रॉयल नेवी ऑफ ओमान, रॉयल ओमान पुलिस कोस्ट गार्ड सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मस्कट में रह रहे भारतीय समुदाय ने भी उत्साहपूर्वक स्वागत किया। समारोह में भारतीय और ओमानी सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ आकर्षण का केंद्र रहीं।

भारत-ओमान समुद्री सहयोग पर द्विपक्षीय वार्ता

अपने दौरे के दौरान मंत्री सोनोवाल ने ओमान के परिवहन, संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री इंजीनियर सईद बिन हमूद अल मावली के साथ द्विपक्षीय बैठक की। बैठक में दोनों देशों के बीच पत्तन विकास, जहाज निर्माण और समुद्री कनेक्टिविटी को लेकर सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई।

सोनोवाल ने ओमानी कंपनियों को भारत के तेजी से विकसित हो रहे समुद्री क्षेत्र में निवेश के अवसरों से अवगत कराया। उन्होंने महाराष्ट्र के वधावन पोर्ट प्रोजेक्ट (9 अरब डॉलर, 23 मिलियन TEUs क्षमता) और तमिलनाडु के तूतीकोरिन आउटर हार्बर प्रोजेक्ट (1.3 अरब डॉलर, 4 मिलियन TEUs क्षमता) का विशेष उल्लेख किया।

ग्रीन शिपिंग कॉरिडोर का प्रस्ताव

केंद्रीय मंत्री ने भारत-ओमान के बीच ग्रीन शिपिंग कॉरिडोर स्थापित करने का प्रस्ताव रखते हुए कहा कि यह पहल सतत और पर्यावरण-अनुकूल समुद्री परिवहन को नई दिशा देगी। उन्होंने भारत के 8.4 अरब डॉलर के समुद्री विकास पैकेज की जानकारी भी दी, जिसमें जहाज निर्माण क्लस्टर, अनुसंधान एवं विकास और मैरिटाइम डेवलपमेंट फंड शामिल हैं।

इसके अलावा, भारत और ओमान के बीच समुद्री विरासत एवं संग्रहालयों पर हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन का भी उन्होंने स्वागत किया, जिससे दोनों देशों की साझा समुद्री इतिहास को और मजबूती मिलेगी।

भारत और ओमान के बीच समुद्री सहयोग आने वाले वर्षों में कनेक्टिविटी, सतत शिपिंग और जहाज निर्माण के क्षेत्र में नई ऊँचाइयों को छूने की दिशा में अग्रसर है।

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