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बारिश पर निर्भर अनानास खेती को मिलेगी सिंचाई की नई राह
चंद्रशेखर ग्वाला लखीपुर, 20 मई : लखीपुर क्षेत्र के म्हारकुलिन इलाके में 1500 हेक्टेयर अनानास भूमि का संयुक्त निरीक्षण, ऑफ-सीजन खेती बढ़ाने की तैयारी। कछार जिले के कृषि विभाग एवं भूमि संरक्षण विभाग ने संयुक्त रूप से लखीपुर आकांक्षी ब्लॉक के अंतर्गत म्हारकुलिन तथा आसपास के गांवों का दौरा कर अनानास खेती के लिए स्थायी सिंचाई व्यवस्था की संभावनाओं का जायजा लिया। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य 1500 हेक्टेयर से अधिक वर्षा-निर्भर अनानास खेती वाले क्षेत्र में सुनिश्चित सिंचाई सुविधा विकसित करने की व्यवहार्यता का आकलन करना था।
जानकारी के अनुसार, इस क्षेत्र की विशाल कृषि भूमि पूरी तरह वर्षा आधारित अनानास उत्पादन पर निर्भर है। स्थानीय किसानों के लिए जून से अगस्त तक का समय मुख्य फसल कटाई का मौसम माना जाता है। हालांकि, क्षेत्र की असमतल भौगोलिक स्थिति के कारण यहां एकल सिंचाई प्रणाली को व्यवहारिक और टिकाऊ नहीं माना जा रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देश पर कृषि विभाग और भूमि संरक्षण विभाग संयुक्त रूप से ऐसी प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने में जुटे हैं, जिससे किसानों को ऑफ-सीजन में भी सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। इस पहल के सफल होने पर किसानों को पूरे वर्ष उत्पादन का अवसर मिलेगा, जिससे बाजार की मांग पूरी होने के साथ उनकी आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है।
अधिकारियों ने यह भी संकेत दिया कि यदि यह परियोजना सफल होती है तो भविष्य में क्षेत्र में अनानास प्रसंस्करण इकाई स्थापित करने का मार्ग भी प्रशस्त होगा, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा।
निरीक्षण दल में जिला कृषि अधिकारी डॉ. राहुल चक्रवर्ती, महकमा कृषि अधिकारी नकीबुर जमां, भूमि संरक्षण विभाग के डिविजनल अधिकारी खणींद्र दास एवं रेंज अधिकारी तरुण दास, कृषि विभाग के कनिष्ठ अभियंता मोहसिन मजूमदार शामिल थे। वहीं मार एग्रो ऑर्गेनिक प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड की ओर से बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के सदस्य मानथान होमार, मणितन सिंह, चेयरमैन लालपिंग मार, सीईओ माखनलाल दोसाद तथा क्षेत्र के कई प्रगतिशील किसान भी उपस्थित रहे।





















