मधुरा नदी के भीषण कटाव से दहशत में गोसाईपुर तृतीय खंड
लगातार नदी में समा रही जमीनें, दर्जनों परिवारों पर मंडरा रहा विस्थापन का खतरा
उधारबंद विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाला गोसाईपुर तृतीय खंड इन दिनों मधुरा नदी के भीषण कटाव से गहरे संकट का सामना कर रहा है। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण नदी का जलस्तर बढ़ने से कटाव ने भयावह रूप धारण कर लिया है। स्थिति ऐसी हो गई है कि लोगों की वर्षों की मेहनत से बनाई गई जमीन और घर धीरे-धीरे नदी की गर्भ में समाते जा रहे हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में कई स्थान पूरी तरह नदी में विलीन हो चुके हैं, जबकि अनेक परिवारों के घर अब भी गंभीर खतरे की जद में हैं। कटाव की रफ्तार बढ़ने से पूरे इलाके में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।
ग्रामीणों—निपेंद्र राय, भोला दास, संजन राय, शंकु राय और मयनाबाला राय सहित कई अन्य लोगों ने बताया कि वर्षों से मधुरा नदी का कटाव जारी है, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कोई स्थायी और प्रभावी रोकथाम व्यवस्था नहीं की गई। हर वर्ष बरसात के मौसम में लोगों को इसी भय के साथ दिन बिताने पड़ते हैं।
बताया जा रहा है कि इलाके के 30 से अधिक परिवार वर्तमान में अत्यंत अनिश्चितता और संकट के बीच जीवन यापन कर रहे हैं। रात होते ही लोगों की चिंता और बढ़ जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि “कब जमीन का अगला हिस्सा नदी में धंस जाए, इसका कोई भरोसा नहीं,” जिसके कारण कई परिवार रातभर जागकर समय गुजारने को मजबूर हैं।
स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा है कि यदि शीघ्र स्थायी कटाव रोधी उपाय नहीं किए गए, तो गोसाईपुर तृतीय खंड का एक बड़ा हिस्सा पूरी तरह मधुरा नदी में समा सकता है। उन्होंने सरकार से युद्धस्तर पर बचाव कार्य शुरू करने तथा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की व्यवस्था करने की भी मांग की है।





















