शिलचर–गुवाहाटी ट्रेन में महिला यात्री से कथित दुर्व्यवहार पर विवाद, निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर श्रीभूमि जिला पुलिस प्रशासन को सौंपा गया ज्ञापन
शिलचर–गुवाहाटी रेल मार्ग पर चलने वाली एक ट्रेन में महिला यात्री के साथ कथित रूप से सार्वजनिक अपमान, पूछताछ और दुर्व्यवहार किए जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस घटना को लेकर बुधवार को श्रीभूमि जिला पुलिस प्रशासन के समक्ष एक ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गत शनिवार को एक महिला यात्री शिलचर रेलवे स्टेशन से डिमापुर जाने वाली ट्रेन में सफर कर रही थीं। आरोप है कि यात्रा के दौरान कुछ लोगों ने उन्हें घेरकर सार्वजनिक रूप से पूछताछ की तथा उनके बैग की तलाशी ली। इस दौरान महिला को मानसिक रूप से प्रताड़ित और अपमानित किए जाने का भी आरोप लगाया गया है।
घटना से जुड़ा एक Facebook वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया। आरोप है कि “Madhumita Roy Mou” नामक Facebook उपयोगकर्ता ने स्वयं को एक पुलिसकर्मी की पत्नी बताते हुए महिला यात्री के बैग की तलाशी ली और उनके प्रति आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं। वीडियो में मौजूद अन्य कुछ लोगों को भी महिला से लगातार सवाल-जवाब करते तथा माहौल को तनावपूर्ण बनाते हुए देखा गया है।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि महिला यात्री को “तुम लड़का हो या लड़की”, “बांग्लादेशी” जैसी टिप्पणियां कर अपमानित किया गया। यहां तक कि आधार कार्ड दिखाकर अपनी पहचान साबित करने की कोशिश के बावजूद स्थिति सामान्य नहीं हुई। आरोप है कि महिला को सार्वजनिक रूप से सामाजिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।
घटना के विरोध में तथा निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर सलमान तालुकदार, सुल्तान अहमद, तौहीद उज ज़मान, अबू जाफर और साहार अहमद ने बुधवार को श्रीभूमि जिला पुलिस प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि इस घटना को किसी धार्मिक या सांप्रदायिक दृष्टिकोण से नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि यह एक सामान्य नागरिक की मानवीय गरिमा, व्यक्तिगत स्वतंत्रता और सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला है।
ज्ञापन में आरोपित व्यक्तियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रशासन से सक्रिय कदम उठाने की मांग की गई है।
बताया गया कि SSP कार्यालय में संबंधित अधिकारी की अनुपस्थिति के कारण ज्ञापन DSP को सौंपा गया। ज्ञापन सौंपने वालों के अनुसार, DSP ने मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच और कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।





















