सीआईटी कोकराझार में ‘भारतीय भाषा परिवार’ पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमीनार का आयोजन
कोकराझार 15 मार्च। केंद्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान कोकराझार (CIT) के मानविकी और सामाजिक विज्ञान विभाग (HSS) द्वारा “भारतीय भाषा परिवार: एक राष्ट्र, अनेक भाषाएं और संस्कृतियाँ” विषय पर एक गरिमामय दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमीनार का सफल आयोजन किया गया।
नई दिल्ली स्थित शिक्षा मंत्रालय के तहत भारतीय भाषा समिति द्वारा प्रायोजित इस सेमिनार का समन्वय विभाग की डॉ. तनुश्री नायक द्वारा किया गया। वहीं, भारतीय भाषा समिति के राष्ट्रीय समन्वयक प्रोफेसर सुशील शर्मा ने कार्यक्रम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उद्घाटन एवं पुस्तक विमोचन
सेमिनार का औपचारिक उद्घाटन मुख्य अतिथि और सीआईटीके के रजिस्ट्रार प्रो. हेमंत कलिता ने किया। उद्घाटन समारोह का मुख्य आकर्षण ‘भारतीय भाषा परिवार’ पर आधारित दो नई पुस्तकों का विमोचन रहा, जिन्हें नेशनल बुक ट्रस्ट (NBT) इंडिया द्वारा प्रकाशित किया गया है।
विद्वानों का जमावड़ा और शैक्षणिक विमर्श
इस दो दिवसीय आयोजन में भारत और पड़ोसी देश नेपाल के कई प्रतिष्ठित शिक्षाविदों और भाषाविदों ने हिस्सा लिया। मुख्य वक्ताओं में शामिल थे:
प्रो. रमेश चंद्र शर्मा (सेवानिवृत्त, दिल्ली विश्वविद्यालय)
प्रो. प्रकाश चंद्र पट्टनायक (सेवानिवृत्त, दिल्ली विश्वविद्यालय)
प्रो. श्रवण कुमार शर्मा (नालंदा विश्वविद्यालय, बिहार)
प्रो. अमित भट्टाचार्य (यूनिवर्सिटी ऑफ गौड़ बंग)
प्रो. द्विजैन शर्मा (नेहू, तुरा)
प्रो. अजीत कुमार वैश्य (असम विश्वविद्यालय, सिलचर)
श्री राजेंद्र प्रसाद बराल (त्रिभुवन विश्वविद्यालय, नेपाल)
सेमिनार के दौरान ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से 35 से अधिक शोध पत्र प्रस्तुत किए गए। इन शोध पत्रों के माध्यम से भाषाई विविधता और राष्ट्र को जोड़ने वाले सांस्कृतिक सूत्रों पर गहन चर्चा हुई।
भाषाई एकता को बढ़ावा
इस संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य छात्रों, शिक्षकों और प्रतिभागियों के बीच मातृभाषा सीखने के महत्व के प्रति जागरूकता पैदा करना था। अकादमिक आदान-प्रदान के अलावा, इस आयोजन ने ‘भारतीय भाषा परिवार’ की गहरी समझ विकसित की और विभिन्न भारतीय भाषाओं को सीखने के लिए एक सकारात्मक वातावरण तैयार करने पर जोर दिया।





















